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आईआईटी खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने संस्कृत को सुलभ बनाने के लिए एआई प्रणाली विकसित की

By भाषा | Updated: March 24, 2021 23:25 IST

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कोलकाता, 24 मार्च भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने कृत्रिम मेधा का इस्तेमाल कर संस्कृत ग्रंथों के मूलपाठ को और व्यापक व सुलभ बनाने लिए एक प्रणाली विकसित की है।

डॉ पवन गोयल के नेतृत्व में आईआईटी खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने उन्नत ‘मशीन लर्निंग’ तकनीक और संस्कृत के पारंपरिक भाषा विज्ञान को मिलाकर एक डिजिटल अवसंरचना विकसित की है जिससे संस्कृत के ग्रंथों के मूल पाठ को और व्यापक और सुलभ बनाया जा सके।

संस्थान के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इस अध्ययन को एमआईटी प्रेस द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका ‘कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स’ में प्रकाशित करने के लिए स्वीकार कर लिया गया है।

यह अनुसंधान डॉ अमृत कृष्ण द्वारा किया गया है जो वर्तमान में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पोस्ट-डॉक्टरेट कर रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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