Republic Day 2026: 26 जनवरी के मौके पर दिल्ली में क्यों बंद हो जाता है हवाई क्षेत्र? जानिए इसके बारे में सबकुछ
By अंजली चौहान | Updated: January 16, 2026 05:50 IST2026-01-16T05:50:50+5:302026-01-16T05:50:50+5:30
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के कारण लगाए गए अस्थायी एयरस्पेस प्रतिबंधों से 600 से ज़्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिससे IGI एयरपोर्ट पर देरी और रीशेड्यूलिंग हो सकती है।

Republic Day 2026: 26 जनवरी के मौके पर दिल्ली में क्यों बंद हो जाता है हवाई क्षेत्र? जानिए इसके बारे में सबकुछ
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस से जुड़ी गतिविधियों के लिए दिल्ली के एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद करने से उड़ानों में बड़े पैमाने पर रुकावट आने की उम्मीद है, जिससे हजारों यात्री प्रभावित होंगे। सरकार ने एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है, जिसमें 21 जनवरी से लगातार छह दिनों तक सुबह 10:20 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक दिल्ली के ऊपर उड़ान संचालन को निलंबित करने की घोषणा की गई है।
यह प्रतिबंध रिहर्सल उड़ानों, फुल ड्रेस रिहर्सल और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड पर लागू होगा। हर दिन इस दो घंटे और 25 मिनट की अवधि के दौरान, किसी भी कमर्शियल विमान को निर्धारित एयरस्पेस में उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी।
अब सवाल है कि गणतंत्र दिवस के पहले दिल्ली में एयरस्पेस बंद क्यों किया जाता है? क्या है इसके पीछे की वजह? आइए बताते हैं आपको
गणतंत्र दिवस के अवसर पर एयरबेस और हवाई अड्डों को एक निश्चित समय के लिए उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण सुरक्षा और तकनीकी कारण होते हैं।
1. भव्य फ्लाईपास्ट के लिए सुरक्षा
गणतंत्र दिवस परेड का सबसे मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना का फ्लाईपास्ट होता है। इसमें राफेल, सुखोई-30 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान, साथ ही परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं।
हवाई टकराव से बचाव: जब दर्जनों सैन्य विमान एक साथ हवा में करतब दिखा रहे होते हैं, तो नागरिक उड़ानों (Civilian Flights) को रोकना जरूरी होता है ताकि किसी भी तरह के हवाई टकराव की संभावना न रहे।
फ्री एयरस्पेस: सैन्य विमानों को एक खास ऊंचाई और रूट पर उड़ना होता है। इसके लिए पूरे आसमान को 'नो-फ्लाई ज़ोन' घोषित कर दिया जाता है ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी फॉर्मेशन बना सकें।
2. उच्च-स्तरीय सुरक्षा
26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मुख्य अतिथि के साथ-साथ हजारों लोग कर्तव्य पथ (राजपथ) पर मौजूद होते हैं।
आतंकी खतरे से बचाव: किसी भी संभावित हवाई हमले या सुरक्षा चूक को रोकने के लिए दिल्ली के आसपास का एयरस्पेस पूरी तरह सील कर दिया जाता है।
ड्रोन और छोटे विमानों पर रोक: इस दौरान किसी भी प्रकार के अनधिकृत ड्रोन या छोटे विमानों को उड़ाने की अनुमति नहीं होती।
3. रिहर्सल और अभ्यास
यह पाबंदी केवल 26 जनवरी को ही नहीं, बल्कि उससे कुछ दिन पहले भी लागू होती है।
तैयारी: वायुसेना के विमान परेड से पहले कई दिनों तक अभ्यास करते हैं। इस दौरान भी सुबह के समय (आमतौर पर 10:20 AM से 12:45 PM तक) दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर उड़ानों को रोक दिया जाता है।
NOTAM जारी करना: इसके लिए 'नोटिस टू एयरमेन' (NOTAM) जारी किया जाता है, जिससे सभी एयरलाइंस को पहले ही पता चल जाता है कि इस दौरान उड़ानें नहीं भरनी हैं।
4. महत्वपूर्ण समय
आमतौर पर यह प्रतिबंध सुबह के कुछ घंटों के लिए होता है, क्योंकि परेड और फ्लाईपास्ट इसी समय होते हैं। 2026 के लिए भी दिल्ली में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक रोजाना लगभग 2 घंटे 25 मिनट के लिए एयरस्पेस बंद रखने का नियम बनाया गया है।
यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और वायुसेना के प्रदर्शन को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए उठाया जाता है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए
सूचित घंटों के दौरान दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइंस के साथ अपने संपर्क विवरण अपडेट रखें और संदेशों पर बारीकी से नज़र रखें। रद्द होने की स्थिति में, एयरलाइंस आमतौर पर रीबुकिंग या रिफंड की पेशकश करती हैं, लेकिन किराए में बढ़ोतरी के कारण आखिरी मिनट के विकल्प महंगे हो सकते हैं। इसलिए, एयरलाइन द्वारा दिए गए विकल्पों को स्वीकार करना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।