लाइव न्यूज़ :

कोरोना संकट के बीच पश्चिम बंगाल में खुले धार्मिक स्थल, कम संख्या में पहुंचे लोग 

By भाषा | Updated: June 2, 2020 02:54 IST

कोलकाता शहर के उत्तर में स्थित सबसे पुराने मंदिर थनथानिया कालीबाड़ी के प्रवक्ता ने बताया कि प्रवेश के लिए एक बार में 10 से ज्यादा लोगों को लाइन में लगने की अनुमति नहीं दी गई।

Open in App
ठळक मुद्दे पश्चिम बंगाल में सोमवार को कुछ धार्मिक स्थल खोले गए लेकिन बहुत कम संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आए। ममता बनर्जी सरकार ने धार्मिक स्थलों में कम लोगों को ही इकट्ठा होने की मंजूरी दी है।

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में सोमवार को कुछ धार्मिक स्थल खोले गए लेकिन बहुत कम संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए आए। ममता बनर्जी सरकार ने धार्मिक स्थलों में कम लोगों को ही इकट्ठा होने की मंजूरी दी है। अनेक मंदिर और मस्जिदों ने श्रद्धालुओं के लिए इन स्थानों को खोलने के लिए अभी और समय मांगा। उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा के बंदोबस्त करने के लिए और समय मांगा है। 

शहर के उत्तर में स्थित सबसे पुराने मंदिर थनथानिया कालीबाड़ी के प्रवक्ता ने बताया कि प्रवेश के लिए एक बार में 10 से ज्यादा लोगों को लाइन में लगने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा,‘‘ पुजारियों को प्रसाद सौंपने से पहले सभी भक्तों को हाथ धोने और मास्क लगाने के लिए कहा गया। फूलों और अगरबत्ती बेचने वाली दुकानों को कहा गया था कि वे इन्हें बेचने से पहले टोकरी में कीटाणुनाशक डालें।’’ 

प्रवक्ता ने कहा,‘‘ फिलहाल लोगों को दूर से पूजा करनी होगी। गर्भगृह के पास जाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।’’ मायापुर स्थित इस्कॉन के मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है और थर्मल जांच उपकरण खरीदने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा,‘‘हम चंद्रोदय मंदिर खोलने की योजना बना रहे हैं और जांच उपकरण खरीदने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि अभी मंदिर को फिर से खोलने की तारीख तय नहीं है।’’ 

बेहाला गुरुद्वारा के एक समिति सदस्य सतनाम सिंह अहलूवालिया ने बताया कि गुरुद्वारा खुलने के कुछ समय बाद ही 100 से अधिक लोग वहां जमा हो गए थे। उन्होंने बताया,‘‘ सभी श्रद्धालुओं की थर्मल जांच की गई। हमारे स्वयंसेवकों ने यह सुनिश्चित किया कि लोग एक दूसरे से दूरी बनाए रखें और एक बार में केवल कुछ ही लोगों को अंदर जाने दिया गया।’’ दिन में कुछ श्रद्धालुओं को शहर के गिरजाघरों में जाते देखा गया। बंगाल इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद याहिया ने कहा कि कोई मस्जिद खोले जाने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। 

टॅग्स :कोरोना वायरसपश्चिम बंगालममता बनर्जी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

कारोबारहम घुसपैठियों के खिलाफ हैं, मुसलमानों के नहीं?, नितिन गडकरी ने कहा- असम और पश्चिम बंगाल जीत रहे?

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतBaramati Bypoll 2026: कौन हैं आकाश मोरे? बारामती उपचुनाव में महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से टक्कर?

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया