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काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर को लेकर भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष ने सपा प्रमुख को मौसमी बीमारी से ग्रस्त बताया

By भाषा | Updated: December 4, 2021 20:34 IST

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लखनऊ, चार दिसंबर समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर की परिकल्पना समाजवादी सरकार में किये जाने का दावा करने के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी उन पर हमलावर हो गई और उनके शासन की तुलना विदेशी आक्रांताओं महमूद गजनवी और मोहम्मद गोरी से की है।

गौरतलब है कि गत दिवस सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक समाचार चैनल से कहा था कि काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर बनाने का निर्णय समाजवादी पार्टी की सरकार की कैबिनेट बैठक में लिया गया था।

भाजपा सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर ‘मौसमी बीमारी’ से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए कहा, ''सैकड़ों करोड़ के हज हाउस बनाने वाले काशी विश्‍वनाथ कॉरिडोर को भी अपना काम बता रहे हैं-- महादेव सब देख रहे हैं अखिलेश जी।''

भाजपा राज्य मुख्यालय से शनिवार को जारी बयान में स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, ''सपा मुखिया मौसमी बीमारी से ग्रसित हैं, जिसके प्रभाव के कारण वे सरकार के हर काम को खुद का काम बता रहे हैं और अब उन्हें काशी विश्वनाथ कॉरिडोर भी अपना बनवाया लग रहा है, लेकिन वे भूल गए हैं कि उन्होंने केवल हज हाउस का ही फीता काटा था।''

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ''मंदिर जाने वालों पर तो सपा सरकार ने गोलियां चलवाई थी, अखिलेश जी! उत्तर प्रदेश की जनता यह भूली नहीं है।'' यादव के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यों की तुलना विदेशी आक्रांताओं महमूद गजनवी और मोहम्मद गोरी से करते हुए स्‍वतंत्र देव ने कहा कि उन्होंने भी देश को लूटा था और 2017 से पहले अखिलेश यादव भी ऐसा ही करते आये हैं।

उन्‍होंने कहा, '' मंदिरों के घण्टे-घड़ियाल बहती हवा से भी न बज जाएं इसके लिए भी पुलिसकर्मियों का पहरा उत्तर प्रदेश के लोगों ने देखा है और लोग भूले नहीं हैं कि 2017 के पहले दुर्गा पूजा और रामलीला के पांडाल लगाने के लिए कैसी मिन्नतें करनी पड़ती थी।''

भाजपा नेता ने दावा किया, ''2017 के बाद उप्र में माहौल बदला है, आज कांवड़ यात्रा पर फूल बरसाए जाते हैं, कुम्भ की प्रशंसा दुनिया करती है, अयोध्या में रामलला भव्य मंदिर में विराजित होने वाले हैं, दीपोत्सव, देव दीपावली, होली और कृष्ण जन्मोत्सव के भव्य आयोजन उप्र की पहचान है।''

सिंह ने कहा, ''अखिलेश जी को बाबा विश्वनाथ और रामलला के दरबार में जाकर माफी मांगनी चाहिए क्योंकि समाजवादी सरकार ने कारसेवकों पर अत्याचार किया तथा हिन्दू संस्कृति और सनातन पंथ पर हमला किया। इस पर प्रायश्चित करना चाहिए। उन्हें गुंडाराज, महिला हिंसा, भ्रष्टाचार को सरकारी संरक्षण दिए जाने के कृत्यों पर भी बाबा विश्वनाथ से माफी मांगनी चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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