लाइव न्यूज़ :

छत्तीसगढ़ में निलंबित पुलिस अधिकारी को अंतरिम राहत देने से इंकार

By भाषा | Updated: July 23, 2021 21:59 IST

Open in App

बिलासपुर, 23 जुलाई छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राजद्रोह और भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह को अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है।

राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास ने शुक्रवार को यहां बताया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने राजद्रोह और भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित एडीजी जीपी सिंह की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई की और अंतरिम राहत के उनके दोनों आवेदनों को खारिज कर दिया है।

दास ने बताया कि अदालत ने मंगलवार को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया था।

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास की एकल पीठ ने अंतरिम राहत देने के आवेदनों पर अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच चल रही है। न्यायालय ने माना कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा जांच आदि का कार्य प्रारंभिक अवस्था में है इसलिए अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती है।

दास ने बताया कि अदालत ने यह भी कहा है कि राजद्रोह के मामले में जीपी सिंह ने पहले भी निचली अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया। पूरे मामले की केस डायरी देखने के बाद याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत प्राप्त करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता द्वारा अभी तक पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर उसका यह आरोप भी सिद्ध नहीं होता कि पूरा मामला पूर्वाग्रह से ग्रसित है तथा राज्य सरकार द्वेषवश उन पर कार्रवाई कर रही है। इसलिए अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती है।

दास ने बताया कि राज्य के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो ने जीपी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। वहीं छापामारी के दौरान उनके घर से मिले आपत्तिजनक दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया था। इन दोनों मामलों में उच्च न्यायालय में जीपी सिंह की ओर से दो रिट याचिकाएं दायर कर चुनौती दी गई थी।

उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता ने पूरे मामले को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताया था। याचिका में अंतरिम राहत की मांग की गई थी। याचिका के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले की जांच सीबीआई अथवा किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने तथा राजद्रोह वाले मामले में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर राज्य पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने का आवेदन लगाया गया था।

अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय में मंगलवार को न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास की एकल पीठ में दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई हुई थी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर भादुड़ी और शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी और अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास ने पैरवी की। आज शुक्रवार को न्यायालय ने अपने फैसले में याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत न देते हुए दोनों आवेदन ख़ारिज कर दिए हैं।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने राज्य शासन से मामले में चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टसेक्टर 94 में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से युवक की मौत, 3 को पुलिस ने बचाया, वीडियो

कारोबारसोने की कीमतें 3,007 रुपये बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जानें चांदी हाल

क्राइम अलर्ट7 लाख की सुपारी देकर हत्या, टॉप-10 अपराधियों में शामिल शिव गोप को पटना पुलिस और एसटीएफ ने धर दबोचा, मीठापुर समेत पटना के कई इलाकों में दहशत?

भारतमहाराष्ट्र लोक सेवा आयोग परिणाम: 624 अंक के साथ टॉप, सोलापुर के विजय नागनाथ लामका ने किया कारनामा?, 601 अंक लेकर आरती परमेश्वर जाधव ने महिला वर्ग में मारी बाजी?

भारतममता ने कहा- CRPF की 200 बटालियन आ रही, किचन से समान ले कर मारो?, अभिषेक कह रहे- भाजपा समर्थकों का हाथ-पैर तोड़ो, चुनाव आयोग के पास बीजेपी, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतखरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग

भारतमप्र राज्यसभा चुनावः मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा में टक्कर?, कांग्रेस में एक अनार-सौ बीमार?, अपनों की रार में भाजपा न मार ले जाए तीसरी सीट!

भारतKashmir Tourism: कश्मीर में होमस्टे का बढ़ता चलन टूरिज्म में जान डाल रहा

भारतIran-US ceasefire: इरान और अमेरिका के बीच सीजफायर, कश्मीर और लद्दाख में लोग मना रहे जश्न; नेताओं ने दी प्रतिक्रिया