बिहार में 5 सीट पर मतदान, एक सीट के लिए 42 वोट की जरूरत?, NDA के पास 202 विधायक, खाली हाथ रहेंगे तेजस्वी यादव?
By एस पी सिन्हा | Updated: February 18, 2026 15:57 IST2026-02-18T15:55:45+5:302026-02-18T15:57:28+5:30
Rajya Sabha poll dates announced: राजद के अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, निर्दलीय उपेन्द्र कुशवाहा, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है।

file photo
पटनाः भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की उन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिन पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। इस चुनाव के तहत कुल 10 राज्यों की 37 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इसके तहत बिहार की पांच सीटों पर चुनाव होना है। बता दें कि राजद के अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, निर्दलीय उपेन्द्र कुशवाहा, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
Rajya Sabha poll dates announced: राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 42 वोट की जरूरत
9 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। राजनीति के जानकारों के अनुसार इन पांच सीटों के लिए होने वाला चुनाव बिहार की सियासत में नई गणित और नई रणनीतियों को जन्म देगा। सभी दलों की नजर टिकट वितरण और संख्या बल की स्थिति पर टिकी है। उल्लेखनीय है कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 42 वोट की जरूरत है।
Rajya Sabha poll dates announced: 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिली थीं
2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिली थीं। इसमें भाजपा 89, जदयू 85, लोजपा(रामविलास) 19, हम 5 और रालोमो 4 सीटों के साथ शामिल हैं। इस आंकड़े के आधार पर एनडीए आराम से चार सीटें जीत सकता है और पांचवीं पर भी मजबूत दावेदारी रखता है। भाजपा अब विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के पास भी बड़ी ताकत है।
Rajya Sabha poll dates announced: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो के पास मात्र चार विधायक
जानकारों की मानें तो दोनों दल दो दो सीटों की मांग कर सकते हैं। जदयू से हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। दूसरी ओर भाजपा अपनी बढ़ती ताकत के आधार पर ज्यादा हिस्सेदारी चाह सकती है। वहीं, छोटे दल भी दबाव में हैं। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो के पास मात्र चार विधायक हैं, लेकिन वे अपनी सीट बचाना चाहेंगे।
Rajya Sabha poll dates announced: राजद, कांग्रेस और वाम दल मिलाकर कुल 35 विधायक
वहीं, लोजपा(रामविलास) भी अपने 19 विधायकों के आधार पर एक सीट की मांग कर सकती है। ऐसे में सीट बंटवारा ही सबसे बड़ा राजनीतिक गणित बन गया है। जबकि महागठबंधन की स्थिति कमजोर है। राजद, कांग्रेस और वाम दल मिलाकर कुल 35 विधायक ही हैं। यह आंकड़ा एक सीट के लिए जरूरी कोटा से कम है।
Rajya Sabha poll dates announced: किसे दोबारा मौका मिलेगा और किसे इंतजार करना होगा
ऐसे में विपक्ष को या तो अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा या फिर क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करनी होगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सामने राज्यसभा में अपनी मौजूदगी बचाने की चुनौती है। ऐसे में बिहार में राज्यसभा चुनाव का गणित एनडीए के पक्ष में है। लेकिन राजनीति का असली इम्तिहान गठबंधन के भीतर है। कौन कितनी सीट पाएगा, किसे दोबारा मौका मिलेगा और किसे इंतजार करना होगा।
Rajya Sabha poll dates announced: अब सभी की निगाहें राज्यसभा चुनाव पर टिकी
यह तय करेगा कि बहुमत की यह ताकत एकजुट रहती है या भीतर से खींचतान शुरू होती है। विपक्ष के लिए यह चुनाव अस्तित्व बचाने जैसा है, जबकि एनडीए के लिए संतुलन साधने की परीक्षा होगी। ऐसे में अब सभी की निगाहें राज्यसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं।