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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजस्थान से जा सकते हैं राज्यसभा! उपचुनाव 26 अगस्त को

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: August 1, 2019 23:18 IST

वैसे विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से यह सीट बीजेपी के लिए बचाना मुश्किल है. यही वजह है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राजस्थान के रास्ते राज्यसभा में जाने की सियासी चर्चाएं काफी समय से चल रही हैं.

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राज्यसभा की दो सीटों पर उपचुनाव 26 अगस्त 2019 को होंगे. राजस्थान में मदनलाल सैनी की मृत्यु के कारण और उत्तर प्रदेश में नीरज शेखर के इस्तीफे के कारण राज्यसभा की दो सीटें रिक्त हो गई हैं, जिन पर उपचुनाव होगा. राजस्थान से राज्यसभा सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का गत 24 जून 2019 को निधन हो गया था.

वैसे विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से यह सीट बीजेपी के लिए बचाना मुश्किल है. यही वजह है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राजस्थान के रास्ते राज्यसभा में जाने की सियासी चर्चाएं काफी समय से चल रही हैं. 

सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल 14 जून 2019 को समाप्त हो गया था. वे असम से लगातार पांच बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. अब फिर से राज्यसभा में प्रवेश के लिए उनके लिए राजस्थान सबसे सुरक्षित माना जा रहा है, हालांकि अभी तक उनकी उम्मीदवारी की कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सियासी हलचलें बताती हैं कि उनकी उम्मीदवारी तय है.

कुछ समय पहले राजस्थान विधानसभा में विधायकों के एक कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मनमोहन सिंह के सम्मान में आयोजित समारोह में सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस सहित निर्दलीय और समर्थक दलों के विधायकों से जिस तरह से उन्हें मिलवाया, उसके बाद यह सियासी धारणा और भी प्रबल हो गई कि सिंह इस बार राजस्थान के रास्ते ही राज्यसभा पहुंचेंगे.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद रहे मदनलाल सैनी के निधन के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हुई है. इसी सीट से कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री सिंह को राज्यसभा भेज सकती है. 

उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के नजरिए से कांग्रेस के लिए इस वक्त राजस्थान सबसे सुरक्षित राज्य है. यहां न केवल कांग्रेस के पास एमएलए का पर्याप्त संख्याबल हैं, बल्कि निर्दलीय सहित समर्थक दलों के एमएलए भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं. यही नहीं, राजस्थान में गुजरात जैसी राजनीतिक तोड़फोड़ की भी खास गुंजाइश नहीं है.

इस समय कांग्रेस के पास अपने 100 विधायकों के साथ ही करीब 18 निर्दलीय और सहयोगी दलों के विधायक भी हैं, जबकि बीजेपी के पास मात्र 72 विधायक ही हैं.

जाहिर है, पूर्व प्रधामंत्री मनमोहन सिंह की राज्यसभा सदस्यता के लिए राजस्थान सबसे सुरक्षित है. 

टॅग्स :राज्य सभामनमोहन सिंहराजस्थानकांग्रेसअशोक गहलोत
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