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राज्यसभा उपचुनावः सुशील कुमार मोदी ने भरा नामांकन, महागठबंधन प्रत्याशी में सस्पेंस, सीएम नीतीश बोले-बधाई देने आया हूं

By एस पी सिन्हा | Updated: December 2, 2020 14:34 IST

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इस सीट पर 14 दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए तीन दिसंबर तक नामांकन का पर्चा दाखिल किया जाएगा.

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ठळक मुद्देमहागठबंधन ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.महागठबंधन के पास 110 एमएलए हैं.जीतने के लिए 122 वोट की जरूरत है और एनडीए के पास निर्दलीय और लोजपा को मिलाकर 127 विधायक हैं.

पटनाः बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए आज बतौर एनडीए प्रत्याशी सुशील मोदी ने अपना नामांकन दाखिल किया.

पटना कमिश्नरी ऑफिस में राज्यसभा सीट के नामांकन के लिए सुशील मोदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पहुंचे थे. इस मौके पर दोनो उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए के बडे़ नेता भी मौजूद रहे. इस दौरान सुशील मोदी के बिहार छोड़ दिल्ली जाने का दर्द भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का छलका. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सुशील मोदी ने बिहार को लेकर बहुत सेवा की है.

हमलोगों के साथ बहुत दिनों तक काम किया है. लोकसभा का सदस्य रह चुके हैं. यह तो चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं. आगे पार्टी के निर्देश पर बिहार और देश की सेवा करेंगे. इनको और काम करने का मौका मिलेगा. यही उम्मीद हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे कहा कि हमलोगों की इच्छा सब जगजाहिर है, लेकिन हर पार्टी का फैसला होता है.

एनडीए के चारों दलों ने उनका समर्थन किया

इनको वहां पर पार्टी से जाना चाह रही है तो यह खुशी की बात है. एनडीए के चारों दलों ने उनका समर्थन किया है. केंद्र सरकार का लाभ हमेशा से बिहार को मिलता रहा है. अब मोदी सरकार उन्हें केन्द्र में ले जाना चाहती है. हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि सुशील मोदी राज्यसभा चुनाव जीत कर रिकार्ड बनाने वाले हैं. वे लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद सभी जगह सदस्य रह चुके हैं और अब राज्यसभा भी जा ही रहे हैं. वहीं, इस मौके पर सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का धन्यवाद, जिन्होंने मुझे राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया.

बिहार के मुख्यमंत्री, वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष और हम पार्टी के अध्यक्ष को भी धन्यवाद जिनके सभी विधायकों ने समर्थन के लिए हस्ताक्षर किया. यहां बता दें कि रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली पडे सीट के लिए उपचुनाव होना है. इस सीट पर 14 दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए तीन दिसंबर तक नामांकन का पर्चा दाखिल किया जाएगा. सुशील कुमार मोदी के नामांकन के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद डॉ. संजय जायसवाल, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी सहित सरकार के अन्य मंत्री मौजूद रहे. 

विपक्षी महागठबंधन के प्रत्‍याशी को लेकर संशय बरकरार

इस बीच विपक्षी महागठबंधन के प्रत्‍याशी को लेकर संशय बरकरार है. महागठबंधन की तरफ से  राजद ने लोजपा के संस्‍थापक रहे राम विलास पासवान की पत्‍नी रीना पासवान को प्रत्‍याशी बनाने का ऑफर दिया था, जिसे पार्टी के अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने ठुकरा दिया है. यह सीट राम विलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई है.

चिराग को राजी करने की अंतिम दौर की कोशिशों के बीच अब माना जा रहा है कि महागठबंधन की तरफ से श्‍याम रजक को प्रत्‍याशी बनाया जा सकता है. वैसे, वोटों के गणित को देखते हुए सुशील मोदी की जीत तय मानी जा रही है. सूत्र बताते हैं कि महागठबंधन की तरफ से चिराग पासवान को मनाने की कोशिशें अभी भी चल रहीं हैं.

कौन उम्‍मीदवार होगा, इसका खुलासा तो अभी तक नहीं हो सका

अगर वे नहीं माने तब कौन उम्‍मीदवार होगा, इसका खुलासा तो अभी तक नहीं हो सका है. सूत्र बताते हैं कि राजद श्‍याम रजक को मैदान में उतार सकता है. दलित नेता के निधन से खाली हुई सीट पर दलित नेता को मैदान में उतारने तथा पार्टी के समाजिक समीकरणों के लिहाज से श्‍याम रजक फिट बैठते हैं. हालांकि, श्‍याम रजक खुद इसकी जानकारी से इनकार करते हैं. वे कहते हैं कि एनडीए इस सीट पर पासवान की पत्‍नी रीना पासवान को प्रत्‍याशी बनाए.

यहां बता दें कि 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद पासवान राज्यसभा के लिए बिहार से भेजे गए थे. नरेंद्र मोदी-2 सरकार में पासवान को खाद्य आपूर्ति मंत्री की जिम्मेदारी मिली थी. ऐसे में चर्चा है कि सुशील मोदी भी केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री बनाए जा सकते हैं. दूसरी ओर सुशील मोदी के खिलाफ महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार उतारे जाने का फैसला अब तक नहीं हो पाया है. लिहाजा सबकी नजर दो दिन बचे नामांकन पर टिकी है.

महागठबंधन में सबकी नजर बडे़ दल राजद की ओर है, पर राजद की मंशा एक सीट पर होने वाले चुनाव में शामिल नहीं होने की है. लिहाजा सबकी नजर दो दिन बचे नामांकन पर टिकी है. सुशील मोदी के अलावा यदि किसी और दल के उम्मीदवार या निर्दलीय का नामांकन नहीं हुआ तो सात दिसंबर को नाम वापसी के दिन चुनाव आयोग एकमात्र उम्मीदवार के नाते जीत का प्रमाणपत्र जारी कर देगा.

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