नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की हालिया टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कोलकाता पर संभावित हमले की चेतावनी दी थी। राजनाथ सिंह ने इस बयान को भड़काऊ बताया और इस्लामाबाद को पिछली गलतियों को न दोहराने की चेतावनी दी।
सिंह ने कहा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को ऐसा भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। 55 साल पहले, जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बँट गया था, तब उन्हें इसके नतीजे भुगतने पड़े थे। अगर वे बंगाल पर बुरी नज़र डालने की कोशिश करेंगे, तो सिर्फ़ ऊपर वाला जानता है कि इस बार पाकिस्तान कितने हिस्सों में बँटेगा।”
उनकी यह टिप्पणी आसिफ की उस चेतावनी के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत भविष्य में कोई "दुस्साहस" करता है, तो पाकिस्तान कोलकाता को निशाना बना सकता है। सियालकोट में बोलते हुए आसिफ ने कहा था, "अगर भारत फिर से कोई 'फ़ॉल्स-फ़्लैग ऑपरेशन' (झूठा हमला) करने की कोशिश करता है, तो इंशाअल्लाह, हम उसे कोलकाता तक ले जाएँगे।"
आसिफ ने यह आरोप भी लगाया कि नई दिल्ली इस्लामाबाद पर दोष मढ़ने के लिए किसी "फ़ॉल्स-फ़्लैग ऑपरेशन" की योजना बना रहा हो सकता है, हालाँकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। इस हमले में 26 आम नागरिक, जिनमें ज़्यादातर हिंदू पर्यटक थे। पाकिस्तानी समर्थन प्राप्त आतंकवादियों के हाथों मारे गए थे। इस हमले के बाद 7 से 10 मई के बीच दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक संक्षिप्त लेकिन भीषण टकराव हुआ था।
पाकिस्तान द्वारा संघर्ष-विराम (सीज़फ़ायर) का प्रस्ताव रखे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कुछ कम हुआ। भारत ने इस प्रस्ताव को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत उसकी सैन्य कार्रवाई को केवल कुछ समय के लिए रोका गया है।