लाइव न्यूज़ :

राजस्थान: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मेघवाल ने नेता प्रतिपक्ष कटारिया के खिलाफ लिखा पत्र

By भाषा | Updated: September 8, 2021 00:54 IST

Open in App

जयपुर, सात सितंबर राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधायक कैलाश मेघवाल द्वारा विधानसभा में पार्टी के नेता गुलाब चंद कटारिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां को लिखा एक कतिपय पत्र मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, मेघवाल ने इस बारे में टिप्पणी से इनकार किया जबकि पूनियां ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई पत्र अभी नहीं मिला है।

वहीं, कटारिया ने कहा कि इस मामले में पार्टी जो भी फैसला करेगी वह उन्हें स्वीकार होगा। यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब दो दिन बाद नौ सितंबर को राजस्थान विधानसभा का सत्र फिर से शुरू होने वाला है। मेघवाल व कटारिया दोनों ही राजस्थान भाजपा के कद्दावर नेता हैं। मेघवाल पिछली वसुंधरा राजे सरकार में विधानसभा के अध्यक्ष थे तो कटारिया मंत्री रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल इस पत्र में कथित तौर पर मेघवाल ने कहा है कि वह विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखेंगे। पत्र के अनुसार, प्रस्ताव में कहा जाएगा,'' यह बैठक नेता प्रतिपक्ष द्वारा महाराणा प्रताप के लिए उपयोग किए गए अपमानजनक शब्दों, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के बारे में अनर्गल बयान और इसके कारण पिछले तीन उपचुनाव में वोटो से क्षरण के कारण हुई हानि के कारण नेता प्रतिपक्ष की निंदा करती है।''

पत्र पर चार सितंबर की तारीख है और इसके अनुसार मेघवाल इस मुद्दे को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को भी पत्र लिख चुके हैं। मेघवाल ने कथित पत्र में कहा है कि चूंकि वह नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला रहे हैं इसलिए उस दिन विधायक दल की बैठक खुद पूनियां करें। पूनियां भी विधायक हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र से पहले आमतौर पर भाजपा विधायक दल की बैठक होती है। हालांकि इस बार अभी इसकी तारीख तय नहीं की गई है। राजस्थान विधानसभा नौ सितंबर से फिर बैठेगी।

इस बारे में जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मेघवाल से बात की गई तो उन्होंने 'कोई टिप्पणी नहीं' कहकर बात करने से इनकार कर दिया। वहीं प्रदेशाध्यक्ष पूनियां ने कहा कि उन्हें इस तरह का कोई पत्र अभी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ दिन से पंचायत व जिला परिषद चुनाव में व्यस्त रहे और उन्हें ऐसे पत्र की जानकारी नहीं है।

वहीं, पत्र के मीडिया में वायरल होने के बाद कटारिया ने एक बयान में कहा,'' इस कतिपय पत्र के बारे में पार्टी जो भी निर्णय करेगी मैं उसे सहर्ष स्वीकार करूंगा।''

उल्लेखनीय है कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह दो दिवसीय संगठनात्मक प्रवास पर आठ सितंबर को जयपुर आ रहे हैं। उनके इस प्रवास के दौरान भी उक्त पत्र को लेकर सवाल उठने की संभावना है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पार्टी के राजस्थान संगठन में सबकुछ ठीक दिखाने की कोशिश कर रहे पदाधिकारियों के लिए यह नया घटनाक्रम परेशान करने वाला है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

विश्व‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

पूजा पाठPanchang 07 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 07 April 2026: आज नौकरी में तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के शुभ योग

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे