जयपुर। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 25 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में इससे संक्रमित लोगों की संख्या बृहस्पतिवार को 1,101 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे तक टोंक में 11, जोधपुर में 10, झुंझुनू में दो और बीकानेर तथा अजमेर में एक-एक नया मामला आया है। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिक और 54 वे लोग हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और कम से कम 40 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
राजस्थान में कोरोना वायरस 13 लोग गंवा चुके हैं जान
राजस्थान में बुधवार को राजधानी जयपुर और कोटा में कोराना वायरस संक्रमित दो महिलाओं की मौत हो गई थी। राज्य में अब तक वायरस संक्रमित 13 लोगों की मौत हो चुकी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को जयपुर और कोटा में वायरस संक्रमित एक-एक मरीज की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में भर्ती गंभीर मधुमेह बीमारी से पीड़ित 65 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। जबकि कोटा में भर्ती मधुमेह और टीबी की बीमारी से ग्रस्त एक अन्य 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 54 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर व जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया है। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और कम से कम 40 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है।
राजस्थान में 21 अप्रैल से बदलाव के साथ लॉकडाउन : गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा था कि 21 अप्रैल से राज्य में योजनाबद्ध तरीके से बदलाव के साथ लॉकडाउन लागू किया जाए। उन्होंने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों व औद्योगिक क्षेत्रों में 20 अप्रैल के बाद औद्योगिक इकाइयों को शुरू करने करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश में मौजूद प्रवासी मजदूरों को भी रोजगार मिल सकेगा। गहलोत बुधवार को लॉकडाउन को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में ऐसे उद्योग जहां श्रमिकों के लिए कार्य स्थल पर ही रहने की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें भी शुरू किया जाए। हालांकि इनमें बाहर से मजदूरों के आवागमन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला कलेक्टर, रीको, जिला उद्योग केन्द्र तथा पुलिस समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करें, जिससे लॉकडाउन के दौरान उद्योगों के शुरू होने में कोई परेशानी न आए। ऐसी पुख्ता व्यवस्था की जाए जिससे उद्यमी किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर संबंधित अधिकारी से सम्पर्क कर सकें। साथ ही मजदूरों तथा कर्मचारियों के आने-जाने में पास की व्यवस्था को सुगम किया जाए। मुख्यमंत्री ने इसी क्रम में सरकारी कार्यालयों को भी चरणबद्ध तरीके से खोलने के निर्देश दिए हैं।