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राजस्थान चुनाव: इस बार किसे मिलेगा देवी त्रिपुरा सुंदरी का आशीर्वाद, बड़े-बड़े नेता टेकने आते हैं माथा

By लोकमत न्यूज़ ब्यूरो | Updated: October 30, 2018 07:19 IST

राजस्थान में तो लंबे समय से सत्ता-सुख प्राप्त करने के लिए देवी त्रिपुरा सुंदरी की आराधना होती रही है। तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हरिदेव जोशी देवी त्रिपुरा सुंदरी के परमभक्त थे ओर वे नियमित रूप से यहां पूजा-हवन करते थे।

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प्रदीप द्विवेदी

राजस्थान की राजनीति में देवी त्रिपुरा सुंदरी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे अपना कोई भी महत्वपूर्ण कार्य देवी त्रिपुरा सुंदरी की पूजा-दर्शन से ही शुरू करती हैं। यही नहीं, पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सीएम राजे ने देवी त्रिपुरा के दरबार में ही रह कर सुने थे। विस चुनाव के ऐलान के साथ ही कुछ समय पूर्व राजे के विश्वसनीय वरिष्ठ भाजपा नेता और देवस्थान बोर्ड के अध्यक्ष एस।डी, शर्मा बांसवाड़ा पहुंचे थे और उन्होंने देश-विदेश में प्रसिद्ध शक्तिपीठ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में भाजपा की जीत की मनोकामना के लिए पूजा-प्रार्थना की थी।

हरिदेव जोशी भी थे देवी के परमभक्त

राजस्थान में तो लंबे समय से सत्ता-सुख प्राप्त करने के लिए देवी त्रिपुरा सुंदरी की आराधना होती रही है। तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हरिदेव जोशी देवी त्रिपुरा सुंदरी के परमभक्त थे ओर वे नियमित रूप से यहां पूजा-हवन करते थे। देवी के दरबार में साठ साल तक ताउम्र नवरात्रि साधना करने वाले पं. लक्ष्मीनारायण द्विवेदी ने देश के अनेक प्रसिद्ध व्यक्तियों की यहां संकल्प पूजा करवाई थी। 

श्रद्धालुओं को देवी का आशीर्वाद है प्राप्त

श्रीमोहनखेड़ा तीर्थ, मध्यप्रदेश के प्रमुख संत रवींद्र विजय महाराज और ऋषभ विजय महाराज की प्रेरणा से भी यहां कई प्रमुख श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक देवी के दरबार में दर्शनार्थ आने वाले प्रमुख व्यक्तियों की लंबी सूची है, लेकिन राजे सरकार के अनेक मंत्री और कांग्रेस के कई नेता यहां नियमितरूप से दर्शनार्थ आते रहे हैं। 

भाग्य संवारने के लिए होती है आराधना

राजतंत्र में युद्ध में सफलता हेतु प्राचीन समय में राजा-महाराजा देवी त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में आते थे तो लोकतंत्र में चुनाव में जीत के लिए राजनेता देवी त्रिपुरा सुंदरी की शरण में आते हैं। राजनीति में कर्म का महत्व तो है ही, लेकिन भाग्य के समर्थन के बगैर सियासत में सफलता दूर होती जाती है, इसीलिए भाग्य संवारने के लिए देवी त्रिपुरा सुंदरी की आराधना की जाती है!

सियासत में सफलता के लिए मंदिर आते रहे हैं राजनेता

राजस्थान के उदयपुर संभाग में वागड़ क्षेत्र के बांसवाड़ा जिले में प्राचीन ग्राम तलवाड़ा के पास देवी त्रिपुरा सुंदरी का भव्य प्राचीन मंदिर है, जहां देश-प्रदेश के कई बड़े-बड़े राजनेता सियासत में सफलता और सत्ता-सुख की मनोकामनाएं लेकर आते रहे हैं और देवी त्रिपुरा सुंदरी के आशीर्वाद से कामयाबी पाते रहे हैं! इस चुनाव के दौरान भी अनेक राजनेता यहां दर्शनार्थ आएंगे और इसलिए सवाल है कि- किसे मिलेगा देवी त्रिपुरा सुंदरी का आशीर्वाद?

(लेखक लोकमत के संवाददाता हैं)

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