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राजस्थान चुनावः कांग्रेस की अंदरूनी जंग ने उड़ाई नेताओं की नींद, पार्टी के दिग्गजों को करना पड़ रहा मंथन 

By धीरेंद्र जैन | Updated: November 7, 2018 06:12 IST

कांग्रेस के पिछले शासनकाल में विवादों में छाये रहे पार्टी के विधायक और मंत्रियों को जहां इस बार टिकट दिए जाने पर पार्टी के दिग्गज नेताओं को गंभीर मंथन करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर विवादित चेहरों पर दांव खेल किसी भी प्रकार की रिस्क लेना भी पार्टी नहीं चाह रही है।

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राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में टिकटार्थियों और उनके समर्थकों के बीच पिछले कुछ दिनों से हो रहे बवाल ने जयपुर से दिल्ली तक कांग्रेस नेताओं की नींद उड़ा दी है। जिस तरह से जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर हंगामा हुआ, उसी तरह दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय पर भी राजस्थान के नेताओं का लगातार दो दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। 

विरोध प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को अब कांग्रेस मुख्यालय में नहीं घुसने दिया जा रहा है। मौके पर राजस्थान प्रदेश के सपोटरा, टोडाभीम और भीनमाल से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मुख्यालय पर जालोर जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीत सिंह का विरोध किया गया। इसी प्रकार ग्राम सेवा सहकारी समिति घोटाला मामले को लेकर किसानों ने वहां प्रदर्शन किया। बताया जाता है कि समरजीत सिंह के विरोध में किसानों के साथ कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे हैं। 

उधर,  राहुल गांधी की सख्त हिदायत के बाद स्क्रीनिंग कमेटी हरकत में आई है। कमेटी चेयरमैन कुमारी शैलजा के निवास पर बैठकों का दौर जारी है। बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, संगठन महासचिव अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी भी मौजूद रहे।

विवादित विधायकों को टिकट की आस 

कांग्रेस के पिछले शासनकाल में विवादों में छाये रहे पार्टी के विधायक और मंत्रियों को जहां इस बार टिकट दिए जाने पर पार्टी के दिग्गज नेताओं को गंभीर मंथन करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर विवादित चेहरों पर दांव खेल किसी भी प्रकार की रिस्क लेना भी पार्टी नहीं चाह रही है। यहां तक कि इन नेताओं के परिजनों तक के नामों पर गंभीर मंथन किया जा रहा है। वर्तमान समय में कांग्रेस अपनी हवा से उत्साहित नजर आ रही है। लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह नसीहत है कि वे अतिउत्साह में नुकसान नहीं करा बैठे। ऐसे में पूरी संजीदगी और सतर्कता के साथ चुनाव में सकारात्मक परिणामों के लिए कार्य करने होंगे।

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