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अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री के परिसरों पर पड़ा छापा, पार्टी ने राजनीतिक प्रतिशोध बताया

By भाषा | Updated: December 15, 2021 21:46 IST

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चेन्नई, 15 दिसंबर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पी थंगामणि के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को उनसे संबंधित तमिलनाडु, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में 69 विभिन्न स्थानों पर छापा मारा तथा दो करोड़ रुपये ‘‘बेहिसाबी’’ नकद राशि बरामद होने का दावा किया।

इसपर, सत्तारूढ़ द्रमुक की आलोचना करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक की बढती लोकप्रियता से डर कर और ‘‘बदले की राजनीति’’ के तहत डीवीएसी की यह कार्रवाई हुयी है।

अन्नाद्रमुक नेताओं, ओ. पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की ध्यान भटकाने की तरकीब है। थंगामणि, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मई 2016 से मार्च 2020 की अवधि के दौरान आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 4.85 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

उनके खिलाफ नमक्कल में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

थंगामणि राज्य में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाली सरकार (2016-21) के दौरान बिजली एवं आबकारी विभाग का जिम्मा संभाल रहे थे। मौजूदा सदन में वह कोमरापलायम विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

डीवीएसी ने बयान जारी कर बताया कि पूर्व मंत्री से संबंधित चेन्नई, सलेम, करूर बेंगलुरु, चित्तूर (आंध्र प्रदेश) और नमक्कल सहित तीनों राज्यों के 69 स्थानों पर छापेमारी की गयी।

बयान में कहा गया है कि अधिकारियों ने 2.37 करोड़ रुपये नकद, एक किग्रा से अधिक सोना, करीब 40 किग्रा चांदी और दस्तावेज बरामद किये हैं।

कुछ स्थानों पर अन्नाद्रमुक के समर्थक, जिन परिसरों में छापेमारी की जा रही है, उसके बाहर जमा हो गये तथा द्रमुक एवं पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

थंगामणि राज्य के मुख्य विपक्षी दल के पांचवें पूर्व मंत्री हैं, जिन पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं। थंगामणि से पहले एमआर विजयभास्कर, एसपी वेलुमणि, केसी वीरामणि और सी विजयभास्कर पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे।

छापेमारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अन्नाद्रमुक के संयोजक पनीरसेल्वम तथा संयुक्त संयोजक पलानीस्वामी ने कहा कि संगठनात्मक चुनावों के बाद द्रमुक उनकी पार्टी के ‘‘ पुनरुत्थान’’ को लेकर आशंकित है।

दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं कर सकने और व्यक्तिगत एवं राजनीतिक प्रतिशोध के कारण थंगमणि के खिलाफ डीवीएसी को लगा दिया गया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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