बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर बोला तीखा हमला, कहा- मुख्यमंत्री की भाषा और आचरण को जनता खुद देख रही है
By एस पी सिन्हा | Updated: February 10, 2026 17:09 IST2026-02-10T17:09:40+5:302026-02-10T17:09:40+5:30
विधान परिषद के पोर्टिको के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राबड़ी देवी से पूछा गया कि क्या वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग करेंगी।

बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर बोला तीखा हमला, कहा- मुख्यमंत्री की भाषा और आचरण को जनता खुद देख रही है
पटना:बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद की गरिमा को भूल गए हैं, और ऐसे में उनके बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा, व्यवहार और पद की गरिमा को लेकर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हों तो उनसे किसी तरह की उम्मीद करना बेकार है।
विधान परिषद के पोर्टिको के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राबड़ी देवी से पूछा गया कि क्या वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग करेंगी। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले ही कई बार अपनी बात रख चुकी हैं। राबड़ी देवी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री अपने पद की गरिमा ही भूल चुके हैं तो उनसे माफी या शिष्टाचार की उम्मीद रखना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की भाषा और आचरण को जनता खुद देख रही है और इसमें कुछ भी छिपा हुआ नहीं है।
राबड़ी देवी ने सदन के भीतर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लड़के और लड़कियों को लेकर जिस तरह की टिप्पणियां की जाती हैं, वह बेहद आपत्तिजनक हैं। उन्होंने इशारों ही इशारों में कहा कि लोग क्या बोलते हैं और किस भाव से बोलते हैं, यह समझना मुश्किल नहीं है। राबड़ी देवी का कहना है कि जब मुख्यमंत्री खुद नियम और मर्यादा की सीमाओं को भूल जाते हैं, तो आम जनता और विपक्षी नेताओं से उनसे उम्मीद रखना सही नहीं है।
इधर, विधान परिषद ने राबड़ी देवी और उनके सहयोगियों को एक दिन के निलंबन के संबंध में राबड़ी देवी ने कहा कि सभापति महोदय का आदेश है कि उन्हें 12 घंटे के लिए परिषद में उपस्थित नहीं होना है, और वे इस आदेश का सम्मान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब सभापति ने उन्हें निलंबित किया है, तो फिर वे सदन में कैसे जा सकती हैं? राबड़ी देवी ने यह भी जोड़ा कि सभापति के नियमों का पालन करना अनिवार्य है, और विपक्ष को भी इसका सम्मान करना चाहिए।