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क्विकर ने पशुओं की बिक्री करना बंद कर दिया : पेटा इंडिया

By भाषा | Updated: December 23, 2020 17:39 IST

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नयी दिल्ली, 23 दिसंबर पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था ‘पेटा इंडिया’ ने बुधवार को दावा किया कि ई-रिटेलर ‘क्विकर’ ने एनजीओ के अपील करने और दबाव बनाने के बाद अपने पोर्टल से पशुओं की बिक्री करना बंद कर दिया है और पालतू पशुओं के व्यापार संबंधी विज्ञापनों को हटा दिया है।

एनजीओ ने 2018 में आरोप लगाया था कि क्विकर अपने उपभोक्ताओं को जीवित पशुओं की बिक्री करने की अनुमति देकर पशु-कल्याण नियमों का उल्लंघन कर रहा है।

एनजीओ ने कहा, ‘‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया के दबाव के बाद ई-रिटेलर क्विकर ने ओएलएक्स इंडिया की राह पर चलते हुए पशुओं की बिक्री बंद कर दी। हालांकि साइट को पूरी तरह पशु-अनुकूल बनाने के लिए अब भी काम किया जाना बाकी है।’’

उसने कहा, ‘‘क्विकर ने पालतू पशुओं को गोद लेने की श्रेणी को एक दिसंबर को हटा दिया, जिसके तहत गोद लेने की आड़ में कुत्ता पालने वालों/पालतू पशुओं की दुकानों को पशुओं के व्यापार की अनुमति थी।’’

पेटा इंडिया ने कहा कि पोर्टल में पशुओं वाले वर्ग में अब लिखा दिख रहा है, ‘‘क्विकर ने अपने मंच पर किसी भी पशु की बिक्री संबंधी सूची जारी करना बंद कर दिया है और इस प्रकार की हर सूची को डिलीट किया जाएगा। यदि आप पालतू पशुओं के लिए भोजन, अन्य सामान या पशुओं को प्रशिक्षण देने का व्यापार करते हैं या आपका पशुओं का क्लीनिक है, तो आप संबंधित प्रासंगिक श्रेणी में अपना विज्ञापन पोस्ट कर सकते हैं।’’

एनजीओ ने कहा कि पेटा इंडिया की साल की हस्ती एवं लंबे समय से उसके समर्थक जॉन इब्राहिम ने इस संबंध में क्विकर को पत्र लिखा था, जिसके बाद पोर्टल ने यह कदम उठाया।

पेटा इंडिया ने इस संबंध में कंपनी के साथ-साथ राज्य पशु कल्याण बोर्डों और पशुपालन विभागों, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय , वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से भी इस बारे में अपील की थी।

उसने बताया कि इसके बाद भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सलाह दी थी कि ई-कॉमर्स मंचों को बोर्ड में ‘पशुओं की दुकानों’ के तौर पर पंजीकरण के बिना जीवित पशुओं का व्यापार नहीं करना चाहिए और कर्नाटक पशु कल्याण बोर्ड ने भी क्विकर से इस प्रकार के विज्ञापन हटाने को कहा था।

उसने बताया कि गोवा के पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय ने भी ओएलक्स इंडिया और क्विकर को अपनी वेबसाइटों से पशु व्यापार संबंधी पोस्ट तत्काल हटाने को कहा था।

इस संबंध में क्विकर ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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