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कथित प्रताड़ना को लेकर पंजाब होमगार्ड के कमांडेंट जनरल ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति मांगी

By भाषा | Updated: August 10, 2021 20:26 IST

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चंडीगढ़, 10 अगस्त पंजाब होमगार्ड के कमांडेंट जनरल कुलतारण सिंह घुम्मन ने उन्हें कथित तौर पर ‘प्रताड़ित' किये जाने और उनके खिलाफ ''मनगढ़ंत'' आरोप लगाए जाने को लेकर समय पूर्व सेवानिवृत्ति दिये जाने की मांग की है।

घुम्मन की सेवा के अभी दो साल बाकी हैं। वह अक्टूबर 2017 से चंडीगढ़ में पंजाब होमगार्ड कमांडेंट जनरल व सिविल डिफेंस निदेशक के रूप में सेवा दे रहे हैं।

घुम्मन ने नौ अगस्त को मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह को लिखे पत्र में समयपूर्व सेवानिवृत्ति का नोटिस देते हुए उल्लेख किया कि हाल में उन्हें प्रताड़ित और उपेक्षित कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ''मनगढ़ंत'' आरोप लगाए गए हैं।

घुम्मन ने संपर्क किये जाने पर कहा, ''मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अब और काम नहीं कर सकता। मैं 1989 में प्रतिनियुक्ति के तहत बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) से आया था। मैं पंजाब में आतंकवाद से लड़ा। मुझे होमगार्ड में भेजा गया। मैं एक अलंकृत अधिकारी हूं और मुझे यह सिला मिला।''

अधिकारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि 35 वर्ष से अधिक के संघर्षपूर्ण और गैर-संघर्षपूर्ण करियर के दौरान उनका कार्यकाल बहुत ही सार्थक और पेशेवर रूप से संतोषजनक रहा है।

उन्होंने कहा, ''हर अधिकारी, वर्दी पहनकर उस बल का नेतृत्व करने की इच्छा रखता है जिससे वह संबंधित है और जिसके साथ वह आगे बढ़ा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे गृह मंत्री के रूप में आपके कुशल नेतृत्व में 2017 से कमांडेंट जनरल के तौर पर आपका आशीर्वाद मिला। मैं अपने समर्पण और 35 से अधिक वर्षों की कड़ी मेहनत की सराहना करने के लिए आपकी उदारता का ऋणी हूं।''

हालांकि, उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों ने उन्हें इस बात पर विचार करने को मजबूर किया है कि क्या कमांडेंट जनरल के रूप में उनकी पदोन्नति वास्तव में सही थी?

उन्होंने लिखा, ''मुझे बिना कमान का कमांडेंट जनरल बना दिया गया। मैंने हर तरफ से राहत मांगी। इनकार करने पर, मुझे माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसने मेरी स्थिति और रैंक को बरकरार रखा, लेकिन (राज्य) गृह विभाग की हर समय अलग-अलग योजनाएं थीं।''

उन्होंने कहा, ''हाल ही में, प्रक्रियाओं का पालन किए बिना मनगढ़ंत आधार पर मेरे खिलाफ आरोप लगाया गया और परेशान किया गया, मेरी उपेक्षा की गई और दुर्व्यवहार किया गया। मेरे निजता के संवैधानिक अधिकार का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है। मुझसे मेरे यात्रा इतिहास के बारे में जानकारी मांगी गई, जैसे कि मैं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरा हूं।''

उन्होंने कहा, ''यह सब किस लिए? क्योंकि मैं कमांडेंट जनरल के रूप में अपने विभाग का नेतृत्व करने के अपने वैध अधिकार माँग रहा था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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