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सोनिया गांधी से मिलने के बाद सीएम अमरिंदर सिंह बोले-नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में कोई जानकारी नहीं, आलाकमान का फैसला स्वीकार्य

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 6, 2021 21:34 IST

कांग्रेस की पंजाब इकाई में कलह को दूर करने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सोनिया गांधी से मुलाकात की।

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ठळक मुद्देसरकार, राजनीतिक मामलों पर चर्चा की।पंजाब प्रदेश कांग्रेस में कलह को दूर करने के फार्मूले पर चर्चा हुई है। अमरिंदर सिंह की कांग्रेस अलाकमान के साथ यह पहली मुलाकात है।

नई दिल्लीः पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पार्टी की राज्य इकाई में अंदरूनी कलह के बीच कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। 

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने संगठन, सरकार में बदलाव पर कहा कि सोनिया गांधी जो भी फैसला करेंगी, वह स्वीकार्य होगा। सिद्धू के साथ विवाद के बीच कांग्रेस प्रमुख से मुलाकात के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हमने सरकार, राजनीतिक मामलों पर चर्चा की।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल

सोनिया के आवास 10 जनपथ पर उनके साथ करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद सिंह ने कहा, ‘‘ हम निर्णयों को पंजाब में लागू करेंगे...पंजाब में हम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’’ इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल थे।

माना जा रहा है कि आलाकमान के साथ अमरिंदर की इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस की पंजाब इकाई में कलह को दूर करने के फॉर्मूले पर चर्चा हुई है। प्रदेश कांग्रेस में यह संकट आरंभ होने के बाद अमरिंदर सिंह की कांग्रेस आलाकमान के साथ यह पहली मुलाकात है।

कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने पिछले दिनों कहा था कि पंजाब में सभी मुद्दों को आगामी 8-10 जुलाई तक हल कर लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पहले आलाकमान की ओर से समिति के माध्यम से मुख्यमंत्री से कहा गया था कि वह उन 18 मुद्दों को लेकर रूपरेखा तैयार करें, जिन पर प्रदेश सरकार को कदम उठाना है।

इनमें भूमि और परिवहन माफिया तथा गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा शामिल है। हाल के कुछ सप्ताह में सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बिजली सहित विभिन्न मुद्दों पर मोर्चा खोल रखा है। सिद्धू का कहना है कि गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी कारगर कदम नहीं उठाए गए।

कांग्रेस अलाकमान के साथ यह पहली मुलाकात

माना जा रहा है कि सोनिया गांधी और अमरिंदर की मुलाकात के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस में कलह को दूर करने के फार्मूले पर चर्चा हुई है। प्रदेश कांग्रेस में यह संकट आरंभ होने के बाद अमरिंदर सिंह की कांग्रेस अलाकमान के साथ यह पहली मुलाकात है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू दोनों, के लिए सम्मानजनक स्थिति वाले फार्मूले से पंजाब में पार्टी की कलह को दूर करने और कुछ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करने की कोशिश कर रहा है।

पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने गत बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के साथ लंबी बैठक की थी। सूत्रों ने बताया कि इन बैठकों में कांग्रेस आलाकमान की ओर से सिद्धू को पार्टी या संगठन में सम्मानजनक स्थान की पेशकश के साथ मनाने का प्रयास किया गया।

सिद्धू को संगठन में अहम जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार

सूत्रों के मुताबिक, सिद्धू को संगठन में अहम जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार चल रहा है। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनाने का भी विकल्प है, हालांकि चर्चा यह भी है कि अमरिंदर सिंह अपने विरोधी नेता को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपे जाने के पक्ष में नहीं हैं।

अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस के 100 से अधिक विधायकों, सांसदों और नेताओं के साथ चर्चा

कांग्रेस आलाकमान ने अपनी पंजाब इकाई के संकट को दूर करने के लिए हाल ही में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस के 100 से अधिक विधायकों, सांसदों और नेताओं के साथ चर्चा की।

कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने पिछले दिनों कहा था कि पंजाब में सभी मुद्दों को आगामी 8-10 जुलाई तक हल कर लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिनों पहले आलाकमान की ओर से समिति के माध्यम से मुख्यमंत्री से कहा गया था कि वह उन 18 मुद्दें को लेकर रूपरेखा तैयार करें जिन पर प्रदेश सरकार को कदम उठाना है।

इनमें भूमि और परिवहन माफिया तथा गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा शामिल है। हाल के कुछ सप्ताह में सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ बिजली सहित विभिन्न मुद्दों पर मोर्चा खोल रखा है। सिद्धू का कहना है कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम भी नहीं उठाए गए।

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