लाइव न्यूज़ :

स्व-अनुशासन और जागरूकता से कोरोना वायरस संग लड़ रहीं पुणे की बस्तियां, कुल आबादी 60,000

By भाषा | Updated: May 15, 2020 20:23 IST

कोविड-19 हॉटस्पॉट में तब्दील होने के बाद भी महाराष्ट्र के पुणे शहर में ‘जनता वसाहट’ बस्ती अपने निवासियों एवं अधिकारियों के साथ समन्वित प्रयासों से वायरस से लड़ रही है।

Open in App
ठळक मुद्देपुणे नगरपालिका आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने वायरस को फैलने से रोकने का श्रेय नगर निकाय द्वारा उठाए गए कदमों और बस्ती की भौगोलिक स्थिति को दिया हैइलाके के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक पखाले ने कहा कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण, मरीजों का पता लगाना, गंभीर बीमारियों से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों की निगरानी और मास्क एवं सैनेटाइजर के वितरण ने जनता वसाहट को वैश्विक महामारी से सुरक्षित रखा है।

पुणे:महाराष्ट्र के पुणे शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके भले ही कोविड-19 हॉटस्पॉट में तब्दील हो गए हैं लेकिन ‘जनता वसाहट’ बस्ती अपने निवासियों एवं अधिकारियों के साथ समन्वित प्रयासों से वायरस से लड़ रही है। सिंघड़ रोड के पास स्थित, जनता वसाहट दो से तीन किलोमीटर में फैला हुआ है और इसकी कुल आबादी 60,000 है। 

अब तक इस इलाके से कोविड-19 के कुल दो मामले सामने आए हैं और पुणे महानगरपालिका इसको बढ़ने नहीं देना चाहती है। पुणे नगरपालिका आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने वायरस को फैलने से रोकने का श्रेय नगर निकाय द्वारा उठाए गए कदमों और बस्ती की भौगोलिक स्थिति को दिया है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पार्वती नाम की पहाड़ी के बीच और सिंघड़ रोड के करीब जलाशय के पास स्थित, जनता वसाहट में केवल एक प्रवेश एवं निकास बिंदु है जो इलाके में लोगों की आवाजाही को बाधित करता है।” 

उन्होंने बताया कि नगर निकाय के कई चिकित्सक सक्रिय हैं और वे कोविड-19 के हल्के से लक्षणों से ग्रस्त लोगों का पता लगाने के लिए अथक मेहनत कर रहे हैं। गायकवाड़ ने कहा, “इसलिए मामलों का जल्द पता लगना इस इलाके में मिली सफलता को हासिल करने में अहम रहा।” उन्होंने कहा कि युवा स्वयंसेवियों, पार्षदों और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने में पुलिस के समन्वित प्रयास भी सार्थक साबित हुए हैं। जब कोरोना वायरस के मामले पुणे में उभरने शुरू हुए थे, तब जनता वसाहट की स्थानीय पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी थी और जागरुकता अभियान भी शुरू कर दिया था।

इलाके क दत्ता वाड़ी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवीदास घेवरे ने कहा कि इलाके के निवासियों द्वारा अपनाया गया अनुशासन और स्थानीय समूहों, पुलिस तथा निकाय के कर्मियों के बीच समन्वय ने स्थिति को नियंत्रण में रखा। इलाके के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक पखाले ने कहा कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण, मरीजों का पता लगाना, गंभीर बीमारियों से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों की निगरानी और मास्क एवं सैनेटाइजर के वितरण ने जनता वसाहट को वैश्विक महामारी से सुरक्षित रखा है।

टॅग्स :कोरोना वायरसमहाराष्ट्रपुणे
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं