लाइव न्यूज़ :

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को दीं श्रद्धांजलि

By भाषा | Updated: December 3, 2020 10:48 IST

Open in App

नयी दिल्ली, तीन दिसंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्धांत पर आधारित उनका जीवन देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और संविधान निर्माण में अतुलनीय भूमिका निभाई।

प्रसाद का जन्म 1884 में बिहार में हुआ था और वह महात्मा गांधी के बेहद करीबी सहयोगी थे। आजादी के बाद वह भारत के पहले राष्ट्रपति बने। उन्होंने संविधान सभा का भी नेतृत्व किया था। वहीं वह देश के एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जिनका कार्यकाल एक बार से ज्यादा का रहा। वह राष्ट्रपति के पद पर 1950-62 के बीच आसीन रहे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टनिर्माण स्थल पर काम करने गए थे माता-पिता, 7 वर्षीय बेटी से 45 वर्षीय शख्स ने किया रेप, अरेस्ट

क्राइम अलर्टबेलोरा हवाई अड्डे के पास चाय पीने गए थे?, अनस मोहम्मद सईद, तलहा अनीस, अवेज सईद और अब्दुल सलीम की मौत, तीन घायल

क्राइम अलर्टDelhi Crime: अमन विहार में 8 साल की बच्ची से दरिंदगी, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

स्वास्थ्यJammu-Kashmir: जम्‍मू कश्‍मीर में कैंसर का बढ़ता बोझ, 2018 से कश्मीर में 50,000 से ज्‍यादा मामले सामने आए

भारत अधिक खबरें

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता