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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में रूस जा सकते हैं, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली यात्रा होगी

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 25, 2024 16:48 IST

मार्च में पीएम मोदी को मॉस्को दौरे पर आने का खुला निमंत्रण मिला था। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी 5 दिवसीय रूस यात्रा के दौरान पुतिन से बातचीत की थी। जब से यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ है तबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये पहली रूस यात्रा होगी।

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ठळक मुद्दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में रूस जा सकते हैंयूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली यात्रा होगीमार्च में पीएम मोदी को मॉस्को दौरे पर आने का खुला निमंत्रण मिला था

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में रूस की यात्रा कर सकते हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रूसी राज्य समाचार एजेंसी आरआईए के हवाले से ये जानकारी दी है। यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। मार्च में पीएम मोदी को मॉस्को दौरे पर आने का खुला निमंत्रण मिला था। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी 5 दिवसीय रूस यात्रा के दौरान पुतिन से बातचीत की थी। जब से यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ है तबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये पहली रूस यात्रा होगी।

जयशंकर के साथ मुलाकात में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का निमंत्रण देते हुए कहा था कि इससे उन्हें सभी मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास के दृष्टिकोण पर बात करने का मौका मिलेगा। पुतिन ने क्रेमलिन में जयशंकर से कहा था कि हमें अपने मित्र प्रधान मंत्री मोदी को रूस में देखकर खुशी होगी।

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने पुतिन के हवाले से कहा कि पीएम मोदी के यात्रा के दौरान हम सभी मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करने में सक्षम होंगे। रूस-भारत संबंधों के विकास के दृष्टिकोण के बारे में बात करेंगे। पुतिन ने इस बारे में भी बात की थी कि रूस और भारत के बीच व्यापार कारोबार कैसे बढ़ा। खासकर कच्चे तेल और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के कारण।

भारत के प्रधान मंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हर साल वार्षिक शिखर सम्मेलन होता है। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 21 वार्षिक शिखर सम्मेलन हो चुके हैं। पिछला शिखर सम्मेलन दिसंबर 2021 में नई दिल्ली में हुआ था। यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत बने रहे। भारत ने अभी तक यूक्रेन में रूसी कार्रवाई की निंदा नहीं की है और वह कहता रहा है कि संकट को कूटनीति और बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी की आखिरी रूस यात्रा 2019 में थी, जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक शहर का दौरा किया था। भारत और रूस दोनों ब्रिक्स देशों के समूह के सदस्य हैं। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रियायती रूसी तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है। रूस के साथ भारत के गहरे आर्थिक और राजनीतिक संबंध हैं।

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