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राष्ट्रपति कोविंद ने सेना की वायु रक्षा कोर को ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ (ध्वज) प्रदान किया, रेजिमेंट को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान

By भाषा | Updated: September 28, 2019 16:05 IST

प्रेसिडेंट्स कलर्स’ राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान की मान्यता के लिए एक रेजिमेंट को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।

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ठळक मुद्देआर्मी एयर डिफेंस सेंटर ने यहां गोपालपुर सैन्य अड्डे पर आर्मी एयर डिफेंस कोर की तरफ से प्रेसिडेंट्स कलर्स ग्रहण किया। राष्ट्रपति ने देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिये रक्षा बलों की भूमिका की सराहना की।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को यहां सेना की वायु रक्षा कोर (आर्मी एयर डिफेंस कोर) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर्स’ (ध्वज) प्रदान किया।

आर्मी एयर डिफेंस सेंटर ने यहां गोपालपुर सैन्य अड्डे पर आर्मी एयर डिफेंस कोर की तरफ से प्रेसिडेंट्स कलर्स ग्रहण किया। भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों और विशेष रूप से सेना की वायु रक्षा कोर की देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने की शानदार विरासत है।”

प्रेसिडेंट्स कलर्स’ राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान की मान्यता के लिए एक रेजिमेंट को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।

वायु रक्षा कोर की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिये रक्षा बलों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने याद किया कि किस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विभिन्न अभियानों में वायु रक्षा सैनिकों ने कैसे भाग लिया था। उन्होंने उन सभी अभियानों को याद किया जिसमें वायु सेना शामिल रही है।

उन्होंने बताया कि किस प्रकार वायु सेना ने बर्मा अभियान, इम्फाल और कोहिमा की घेराबंदी, रंगून की फिर से स्थापना, अराकान, मायित्किना, हांगकांग, सिंगापुर, मलाया, बहरीन, इराक और फारस के अभियान में हिस्सा लिया और साहस का परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान इन्हें बहादुरी के लिये कई सम्मान भी मिले हैं जिनमें चार मिलिट्री क्रॉस, एक ब्रिटिश एम्पायर मेडल, सात भारतीय विशिष्ट सेवा मेडल, दो ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर शामिल हैं। कोर ऑफ आर्टिलरी के एक हिस्से के रूप में वायु रक्षा 1940 में अस्तित्व में आया, लेकिन इसे 1994 में एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर मान्यता मिली।

सेना की वायु रक्षा कोर को दो अशोक चक्र, दो कीर्ति चक्र, 20 वीर चक्र, नौ शौर्य चक्र, 113 सेना पदक और 55 मेंशन-इन-डिस्पेचेस के अलावा 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान दिए गए चार ऑनर टाइटल से सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान परेड में राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सलामी भी दी गयी। राष्ट्रपति कोविंद दो दिन के ओडिशा दौरे पर हैं और वह अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ यहां पहुंचे थे।

टॅग्स :भारतीय सेनाइंडियन एयर फोर्सरामनाथ कोविंदओड़िसा
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