सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा को भाषा का संरक्षण जरूरी: नायडू

By भाषा | Updated: July 3, 2021 19:41 IST2021-07-03T19:41:53+5:302021-07-03T19:41:53+5:30

Preservation of language necessary to protect cultural traditions: Naidu | सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा को भाषा का संरक्षण जरूरी: नायडू

सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा को भाषा का संरक्षण जरूरी: नायडू

हैदराबाद, तीन जुलाई उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कुछ भाषाओं की नाजुक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए शनिवार को कहा कि सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा के लिए भाषाओं का संरक्षण आवश्यक है।

नायडू ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला दिया कि दुनिया में हर दो सप्ताह में एक भाषा विलुप्त हो जाती है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान में 196 भारतीय भाषाएं संकटापन्न हैं।

उन्होंने इस प्रवृत्ति को उलटने के लिए ठोस कार्रवाई का आह्वान किया और आशा व्यक्त की कि सभी भारतीय एकजुट होकर देश की भाषाओं को संरक्षित करने के लिए आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाषा किसी भी संस्कृति की जीवन रेखा होती है। जहां भाषा संस्कृति को मजबूत करती है, वहीं संस्कृति समाज को मजबूत करती है।’’

नायडू हैदराबाद से सिंगापुर में एक सांस्कृतिक संगठन, श्री संस्कृतिका कलासारधि द्वारा आयोजित 'अन्तरजातीय संस्कृतिका सम्मेलन- 2021’ की पहली वर्षगांठ समारोह को आनलाइन संबोधित कर रहे थे।

प्रवासी भारतीयों को सांस्कृतिक प्रतिनिधि बताते हुए उन्होंने भारतीय मूल्यों और रीति-रिवाजों को जीवित रखने के लिए उनकी सराहना की और कहा कि देश को अपने प्राचीन मूल्यों के प्रसार में उनकी भूमिका पर गर्व है।

देश की भाषाओं के संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए नायडू ने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होना चाहिए।

उन्होंने तकनीकी शिक्षा में मातृभाषा के उपयोग को धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह दी और प्रशासन और न्यायपालिका में स्थानीय भाषा के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया ताकि यह लोगों के लिए और अधिक सुलभ हो।

उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, जैसा कि पेड़ों, नदियों, वन्य जीवन और मवेशियों की पूजा से स्पष्ट है।

इस आनलाइन कार्यक्रम के दौरान श्री विजयेंद्र सरस्वती, कांची कामकोटि पीठाधिपति, पूर्व सांसद एम मुरली मोहन, आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष एम. बुद्धप्रसाद और अन्य मौजूद थे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Preservation of language necessary to protect cultural traditions: Naidu

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे