बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर, भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम लग सकती है मुहर
By एस पी सिन्हा | Updated: April 13, 2026 18:23 IST2026-04-13T18:23:19+5:302026-04-13T18:23:19+5:30
इस मुलाकात को सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचे और उनसे मिले।

बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर, भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम लग सकती है मुहर
पटना: बिहार में सत्ता हस्तांतरण की तैयारियों के बीच 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण की तैयारी की जा रही है। इस बीच पटना के 5 देशरत्न मार्ग स्थित उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास में गतिविधियां तेज हो गई हैं। जदयू और भाजपा के बड़े नेताओं की लगातार बैठकों और मुलाकातों से सियासी हलचल और बढ़ गई है। इस बीच राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे। दोनों के बीच करीब 30 मिनट तक अहम बातचीत हुई। इस मुलाकात को सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी सम्राट चौधरी के आवास पर पहुंचे और उनसे मिले।
इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने सम्राट चौधरी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इसी दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और पार्टी के संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया भी सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे। नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई, हालांकि बाहर निकलने पर किसी ने मीडिया से बातचीत नहीं की। बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। केंद्रीय मंत्री और पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान इस फैसले की औपचारिक घोषणा करेंगे।
इससे पहले सियासी माहौल लगातार सम्राट चौधरी के पक्ष में बनता दिख रहा है। ऐसे में सत्ता हस्तांतरण की तैयारी के बीच अगले 24 से 48 घंटे में बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है। मुख्यमंत्री से लेकर नई सरकार के पूरे ढांचे तक, सबकुछ लगभग तय माना जा रहा है। मंगलवार दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद शाम 4 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए का नेता चुना जाएगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल दोपहर 3:30 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। उधर, सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर राज्य के कई जिलों में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। पटना के शीतला मंदिर और खगड़िया के काली मंदिर में उनके समर्थन में हवन और महायज्ञ आयोजित किए गए हैं।
इस बीच लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के प्रधान सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। वहीं, राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने हाई लेवल बैठक बुलाई। लोकभवन में जारी बैठक में नई सरकार के गठन को लेकर राज्यपाल सभी बड़े अधिकारियों से विमर्श किया और शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। बैठक में पटना के प्रमंडलीय आय़ुक्त, पटना डीएम और एसएसपी के अलावा पटना के सभी एसपी के साथ साथ ट्रैफिक एसपी और अनुमंडल अधिकारी के साथ साथ पटना के अपर जिला दंडाधिकारी(विधि व्यवस्था) समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सूत्रों की मानें तो नई सरकार के गठन के साथ ही कैबिनेट विस्तार की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 32-33 मंत्रियों के साथ फुल फ्लेज्ड सरकार बनाई जा सकती है। संभावित फॉर्मूले के तहत भाजपा के 15, जदयू के 14, लोजपा(रा) के 2, हम के 1 और रालोमो के 1 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मौजूदा कैबिनेट में 27 सदस्य हैं। जिसमें पहले भाजपा के 14 और जदयू के 9 मंत्री शामिल हैं।
मौजूदा कैबिनेट में कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। भाजपा कोटे से एक-दो ‘नन-परफॉर्मिंग’ मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा है। साथ ही, नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा जाने के बाद उनकी जगह खाली हो गई है, जिसे नए चेहरे से भरा जाएगा। इस बार कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जा रहा है। खासकर मिथिलांचल क्षेत्र से नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पिछले कैबिनेट में इस क्षेत्र से मंत्रिमंडल में कम चेहरे देखने को मिले थे।