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बंगाल चुनाव: बीजेपी को रोकने में प्रशांत किशोर करेंगे टीएमसी की मदद, मीडिया में आई खबर तो जेडीयू ने किया खबरदार

By एस पी सिन्हा | Updated: June 6, 2019 21:02 IST

कुछ दिनों पहले प्रशांत किशोर के एक बयान ने जदयू में भूचाल ला दिया था और पार्टी के लगभग सभी वरिष्ठ नेता प्रशांत किशोर से खफा हो गए थे. हालांकि प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफी करीबी माना जाता है.

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ठळक मुद्देपश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सीएम ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर से हाथ मिलाया। प्रशांत किशोर के एक बयान को लेकर जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने उनको जमकर खरी-खोटी सुनाई

जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने की खबर के बाद उनकी पार्टी ने अब आंखें तरेर दी है. खबर है कि प्रशांत किशोर ने आज ही पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है. दोनों के बीच दो घंटे तक बातचीत हुई है.

ऐसे में प्रशांत किशोर के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ काम करने की खबरों पर जदयू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पार्टी के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा है कि प्रशांत किशोर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. ऐसे में इस तरह की कोई भी बात बिना राष्ट्रीय अध्यक्ष की इजाजत के यह संभव नहीं है. 

उन्होंने कहा कि वैसे जदयू को इस बात की अभी तक कोई जानकारी नहीं है. अजय आलोक ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर कोई भी किसी को सलाह दे सकता है, लेकिन पार्टी के पद पर रहते हुए ये संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इसके लिए पार्टी की कार्यसमिति और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार आगे तय करेंगे. चर्चा है कि लोकसभा चुनाव में झटका खाने के बाद ममता बनर्जी अब प्रशांत किशोर की सेवा लेने जा रही हैं. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव की नईया पार लगाने के लिए राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ समझौता किया है. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने प्रशांत किशोर की कंपनी के साथ दो वर्षों के लिए समझौता किया है. आज तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ प्रशांत किशोर राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ लगभग एक घंटा 40 मिनट तक बैठक की. बैठक में तृणमूल कांग्रेस ने प्रशांत किशोर की कंपनी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक रणनीति बनाने का जिम्मा सौंपा. वैसे यहा बता दें कि प्रशांत किशोर ने कई राज्यों में अन्य राजनीतिक दलों के लिए एक रणनीतिक विशेषज्ञ के रूप में काम किया है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस उन्हें अपने साथ लाना चाहती है. सूत्रों की अगर मानें तो प्रशांत किशोर ने भी इसके लिए सहमति दे दी है. हालांकि, इसकी पुष्टि होनी बाकी है. बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस यह जानना चाहती है कि लोकसभा चुनाव में क्या गलत हुआ है? इसके साथ ही आगामी नगरपालिका चुनाव और आने वाले विधानसभा चुनावों में संभावित नुकसान को किस तरह रोका जाए. इसके लिए क्या रणनीति हो? इसपर विचार किया जाएगा. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के किए गए विकास कार्यों को जनता तक कैसे पहुंचाया जाए इसपर भी बात होनी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर की कंपनी शुक्रवार से ही यहां काम करना शुरू कर देगी. सबसे पहले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार की समीक्षा की जायेगी और उसके बाद वह आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की रणनीति तैयार करेंगे. वह अपनी चुनावी रणनीति पर काम करने वाले संस्था इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमिटी के जरिए ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति बनाने का काम करेंगे. यहां उल्लेखनीय है कि 2019 लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है. पिछले लोकसभा चुनाव में दो सीट जीतने वाली भाजपा ने इस बार के लोकसभा चुनाव में जबर्दस्‍त वापसी करते हुए 18 सीटों पर कब्‍जा जमाया. ये सीटें कभी ममता के खाते में रही थीं. 2021 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पूर्ण बहुमत वाली तृणमूल को आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हार का डर सता रहा है. ऐसे में वह प्रशांत को चुनाव प्रचार की पूरी जिम्‍मेवारी सौंपना चाहती है. चर्चा है कि आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत दिलाने के पीछे प्रशांत किशोर का ही दिमाग था. पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के लिए भी प्रशांत ने काम किया था. जहां अभी कैप्‍टन की सरकार है. इसके अलावे प्रशांत किशोर ने कई राज्यों में अन्य राजनीतिक दलों के लिए एक रणनीतिक विशेषज्ञ के रूप में काम किया है, इसलिए टीएमसी उन्हें अपने साथ लाना चाहती है. यहां बता दें कि प्रशांत किशोर वर्त्तमान में जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.  

टॅग्स :विधानसभा चुनावनीतीश कुमारबिहारममता बनर्जीप्रशांत किशोर
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