पश्चिम बंगाल में चुनाव और सीमांचल दौरे पर अमित शाह?, बांग्लादेश सीमा पार घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर मंथन करेंगे गृह मंत्री

By एस पी सिन्हा | Updated: February 25, 2026 16:41 IST2026-02-25T16:40:07+5:302026-02-25T16:41:56+5:30

सीमांचल जिलों में यह वृद्धि राज्य औसत से थोड़ी अधिक रही। 1981 और 1991 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस समय भी पूर्णिया प्रमंडल में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत धीरे धीरे बढ़ता दिखा।

polls Elections in West Bengal Amit Shah tour border region Home Minister discuss cross-border infiltration and fake document network in Bangladesh | पश्चिम बंगाल में चुनाव और सीमांचल दौरे पर अमित शाह?, बांग्लादेश सीमा पार घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर मंथन करेंगे गृह मंत्री

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Highlightsरोजगार के लिए प्रवासन और सीमा पार आवाजाही जैसे कई कारण इस बदलाव से जुड़े हो सकते हैं।अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पटनाः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर बुधवार को पूर्णिया पहुंचे। उनका दौरा किशनगंज से शुरू होकर अररिया और पूर्णिया तक जाएगा। केंद्रीय गृहमंत्री का प्रस्तावित सीमांचल दौरा सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सीमा पार घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज नेटवर्क और बदलते डेमोग्राफी स्वरूप जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। इस दौरान वे जिला अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। उल्लेखनीय है कि सीमांचल का इलाका चुनावी नजर से भी अहम माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाता हैं। ऐसे में अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह पहली बार है जब केन्द्रीय गृह मंत्री इतने विस्तार से सीमांचल में जनसांख्यिकीय और सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा कर रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय गृह मंत्री का मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, अवैध धार्मिक निर्माण और जनसांख्यिकीय बदलाव पर रहेगा। विपक्ष इसे सांप्रदायिक एजेंडा बता रहा है, जबकि केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रही है।

बता दें कि केंद्र और भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि सुरक्षा का सवाल है। सरकार का दावा है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ लंबे समय से चिंता का विषय रही है। अमित शाह पहले भी कह चुके हैं कि अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री के सीमांचल दौरे में अवैध निर्माण, संदिग्ध गतिविधियों और सीमा प्रबंधन की समीक्षा की जाएगी। दरअसल, सीमांचल में घुसपैठ के मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सीमांचल में किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले आते हैं। यह इलाका नेपाल और बांग्लादेश सीमा के पास स्थित है।

इसे रणनीतिक रूप से भी अहम माना जाता है क्योंकि यही क्षेत्र देश की सुरक्षा के लिए संवेदनशील चिकन नेक कॉरिडोर के करीब है जो पूर्वोत्तर भारत को मुख्य भूमि से जोड़ता है। वहीं, इस इलाके में आबादी का परिवर्तन और इसमें आ रहा असंतुलन एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में मुस्लिम आबादी 16.87 प्रतिशत थी।

लेकिन किशनगंज जिले में यह प्रतिशत करीब 68 के आसपास दर्ज किया गया। साथ ही यह भी कि सीमांचल क्षेत्र के अररिया, कटिहार और पूर्णिया में भी मुस्लिम आबादी राज्य औसत से अधिक है। 2001 से 2011 के बीच बिहार की कुल आबादी में करीब 25.4 प्रतिशत वृद्धि हुई। इसी अवधि में मुस्लिम आबादी में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सीमांचल जिलों में यह वृद्धि राज्य औसत से थोड़ी अधिक रही। 1981 और 1991 के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस समय भी पूर्णिया प्रमंडल में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत धीरे धीरे बढ़ता दिखा। हालांकि, राज्य स्तर पर बड़ा बदलाव नहीं हुआ। जानकार मानते हैं कि उच्च जन्म दर, रोजगार के लिए प्रवासन और सीमा पार आवाजाही जैसे कई कारण इस बदलाव से जुड़े हो सकते हैं।

Web Title: polls Elections in West Bengal Amit Shah tour border region Home Minister discuss cross-border infiltration and fake document network in Bangladesh

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