पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का भारत पर कम से कम प्रभाव पड़े?, पीएम मोदी बोले- भारतीयों के जीवन को खतरे में डालने वाली ‘खतरनाक’ टिप्पणी
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 29, 2026 17:01 IST2026-03-29T17:00:04+5:302026-03-29T17:01:26+5:30
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी कहा कि केरल के कई लोग संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

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पलक्कड़ः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का भारत पर कम से कम प्रभाव पड़े। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर ‘‘राजनीतिक फायदे’’ के लिए भारतीयों के जीवन को खतरे में डालने वाली ‘‘खतरनाक’’ टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। मोदी ने यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केरल के कई लोग संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय सभी का ध्यान पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर केंद्रित है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि भारत पर इसका कम से कम प्रभाव पड़े।’’ जारी राजनयिक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा, ‘‘युद्ध की शुरुआत से ही मैं इन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ लगातार संपर्क में हूं। सभी राष्ट्र संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीय दूतावास अपने नागरिकों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘वहां हमारे भाइयों और बहनों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय दूतावास भी दिन-रात काम कर रहे हैं। भाजपा-राजग सरकार के लिए भारतीयों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’
कांग्रेस पर निशाना बनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपको यह भी याद रखना चाहिए कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर किस तरह के बयान दे रही है - वे खतरनाक हैं। कांग्रेस खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों की जान खतरे में डालना चाहती है, ताकि वह इससे राजनीतिक फायदा उठा सके।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के सभी नागरिकों से पश्चिम एशिया में जारी ‘‘भीषण युद्ध’’ के कारण पैदा हुई ‘‘चुनौतीपूर्ण’’ स्थिति से पार पाने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मोदी ने वर्तमान संकट का राजनीतिकरण करने वालों को आगाह करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में स्वार्थ भरी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है।