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प्रधानमंत्री मोदी 29 जुलाई को शिक्षा एवं कौशल विकास पर छात्रों व शिक्षकों को करेंगे संबोधित

By भाषा | Updated: July 28, 2021 13:44 IST

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नयी दिल्ली, 28 जुलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने का एक साल पूरा होने के अवसर पर बृहस्पतिवार को शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र से जुड़े देश भर के नीति नियंताओं, छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी करेंगे।

पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा में छात्रों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम का विकल्प प्रदान करने वाले ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ की शुरुआत करेंगे। साथ ही वह क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियंरिंग के पहले साल के कार्यक्रमों और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए दिशानिर्देशों को भी जारी करेंगे।’’

इनके अलावा प्रधानमंत्री ग्रेड-1 के छात्रों के लिए तीन महीने के खेल आधारित आधारित कार्यक्रम ‘‘विद्या प्रवेश’’, माध्यमिक स्तर पर विषय के रूप में भारतीय सांकेतिक भाषा, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए तैयार किए गए कार्यक्रम निष्ठा 2.0 और आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स को समर्पित एक वेबसाइट की भी शुरुआत करेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पिछले साल 29 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इस नीति में शिक्षा की पहुंच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता और उत्तरदायित्व जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र पर देश की जीडीपी के छह प्रतिशत हिस्से के बराबर निवेश का लक्ष्य रखा गया है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ही ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय’ का नाम बदल कर ‘शिक्षा मंत्रालय’ करने को भी मंज़ूरी दी गई है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूली पढाई से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बदलाव किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों का पूर्ण रूप से विकास और उन्हें विश्व स्तर पर सशक्त बनाना है।

नई शिक्षा नीति में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं। पहली बार मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। इससे उन छात्रों को बहुत फ़ायदा होगा जिनकी पढ़ाई बीच में किसी वजह से छूट जाती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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