शिलांग: पीएम मोदी अपने पूर्वोत्तर (North East) भारत के दौरे पर कहा है कि उनकी सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट के विकास के लिए सामने आई सभी अड़चनों को रेड कार्ड दिखा दिया है। वे मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग के एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, इस वक्त उन्होंने यह बयान दिया है।
पीएम मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार भाई भतीजावाद, हिंसा, भ्रष्टाचार और वोट बैंक की राजनीति को पूरा खत्म करने की कोशिश कर रहे है। ऐसे में देश में इन सब बुराइयों की जड़े काफी गहरी है, जिससे इमें मिल कर इसे दूर करना होगा। इस जनसभा में उन्होंने खेल और फीफा वल्ड कप फुटबॉल मैच के फाइनल का भी जिक्र किया है।
नॉर्थ-ईस्ट के विकास के राह में आई कई बाधाओं को दिखाया है ‘रेड कार्ड’- पीएम मोदी
कतर में फीफा विश्व कप के फाइनल मुकाबले के मद्देनजर मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास की राह में आई कई बाधाओं को ‘रेड कार्ड’ दिखाया है। प्रधामनंत्री ने अपने 26 मिनट के भाषण में कहा, ‘‘भ्रष्टाचार, भेदभाव, हिंसा और वोटबैंक की राजनीति जैसी बाधाओं को हटाया गया।’’ मोदी ने कहा, ‘‘पहले पूर्वोत्तर को बांटने के प्रयास किए गए लेकिन अब हम इस तरह के प्रयासों को रोक रहे हैं।’’
पीएम मोदी ने आगे कहा, "जब हम पर फुटबॉल का बुखार सवार है तो इस बात को फुटबॉल की टर्मनॉलेजी में ही समझते है। फुटबॉल में जब कोई खिलाड़ी भावना के खिलाफ जाता है तो उसे रेड कार्ड दिखा दिया जाता है और उसे बाहर भेज दिया जाता है। इसी तरीके से पिछले 8 सालों से हमने पूर्वोत्तर के विकास में कई बाधाओं को रेड कार्ड दिखाया है।"
पीएम मोदी ने आगे क्या कहा
यहां पर आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने स्पोर्ट्स के बारे में भी बोला है और कहा है कि केंद्र सरकार खेल को लेकर लगातार आगे बढ़ रहा है। जनसभा के दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का भी जिक्र किया है और कहा है कि देश का पहला स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी नार्थ इस्ट में है।
शिलॉन्ग की जनसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "खेलों को लेकर केंद्र सरकार आज एक नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ रही है। इसका लाभ नॉर्थ ईस्ट के युवाओं को हुआ है। देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी नॉर्थ ईस्ट में है।"
नार्थ इस्ट के लिए तकनीक पर बोलते हुए पीएम ने कहा, "डिजिटल कनेक्टिविटी से सिर्फ बातचीत, संवाद ही बेहतर नहीं होता। बल्कि इससे टूरिज्म से लेकर टेक्नॉलॉजी तक, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, हर क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ती हैं, अवसर बढ़ते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए नॉर्थ ईस्ट हमारे बॉर्डर एरिया, आखिरी छोर नहीं बल्कि सुरक्षा और समृद्धि के गेटवे हैं। राष्ट्र की सुरक्षा भी यहीं से सुनिश्चित होती है और दूसरे देशों से व्यापार भी यहीं से होता है।"
भाषा इनपुट के साथ