पीएम किसान सम्मान निधि की इस साल की पहली किस्त में देरी, कोविड ने बढ़ाया इंतजार
By दीप्ती कुमारी | Updated: April 30, 2021 12:57 IST2021-04-30T12:56:27+5:302021-04-30T12:57:18+5:30
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना मिलने वाली 6000 रुपये की राशि की इस साल की पहली किस्त अभी तक नहीं मिली है। अधिकारियो के अनुसार इसमें कुछ और देरी हो सकती है।

फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
दिल्ली: देश में कोरोना वायरस प्रकोप के बीच वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त के लिए कुछ और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इस योजना के तहत 9 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को अप्रैल -जुलाई के अंतराल में उनकी पहली किस्त मिलती है लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो पाया है ।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कृषि मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को अप्रैल-जुलाई की अवधि का भुगतान मिलने में कुछ और समय लग सकता है। इस योजना के तहत सरकार एक वित्तीय वर्ष के दौरान तीन समान किस्तों में किसानों को 6000 रुपये प्रदान करती है।
इस योजना की पहली किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच दी जाती है । वहीं पिछले साल यह राशि 24 मार्च से 20 अप्रैल के बीच दी गई थी। इस बार अप्रैल खत्म होने जा रहा है लेकिन किसी किसान को ये रुपये नहीं मिले हैं।
'जल्द जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि की पहली किस्त'
देरी का कारण पूछने पर कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि हम राज्यों द्वारा प्रक्रिया को पूरा करने का इतजार कर रहे है और हम एक हफ्ते के अंदर पहली किस्त जारी कर सकते हैं।
अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के कारण हमारी फील्ड पर गई हुई टीम को वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करने में समय लग रहा है। अधिकारी के अनुसार अयोग्य लाभार्थियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरु कर दी गई है।
अधिकारी ने कहा कि 'हम 9.5 करोड़ किसानों की अप्रैल-जुलाई की 19,000 करोड़ रुपये की राशि एक साथ जारी करना चाहते है , जैसा हमने पिछले साल 25 दिसंबर को किया था । हम जल्द से जल्द किस्त जारी करेंगे ।'
वहीं, महाराष्ट्र में ही 83 लाख से अधिक किसान पहली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कोविड -19 मामलों में अचानक वृद्धि के कारण पूरी प्रक्रिया में देरी हुई है।
राज्य के कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी ने कहा, 'लाभार्थियों की सूची पहले ही भेजी गई थी, लेकिन कोविड -19 की स्थिति को देखते हुए, आरएफपी के साथ पुन: सत्यापन के लिए सूची को वापस भेजने में केंद्र की ओर से देरी हुई।'