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लोगों को कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए, ओमीक्रोन अत्यधिक संक्रामक है: चिकित्सक

By भाषा | Updated: December 17, 2021 20:22 IST

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(कुणाल दत्त)

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर दिल्ली में ओमीक्रोन के मामलों में वृद्धि के बीच चिकित्सकों ने शुक्रवार को कहा कि लोगों को सभाओं में जाने से बचना चाहिए और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए। चिकित्सकों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस प्रकार के कोरोना वायरस की अत्यधिक संक्रामक प्रकृति को देखते हुए महामारी की स्थिति खराब हो सकती है।

शहर में प्रमुख सरकारी और निजी केन्द्रों में कोविड रोगियों का इलाज करने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने कहा कि इस साल की शुरुआत में कोविड संक्रमण की “दूसरी लहर की भयावहता” देखने के बावजूद नागरिकों के एक बड़े वर्ग के बीच ‘‘लापरवाही की भावना” फिर से आ गई है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नये ओमीक्रोन स्वरूप के 10 नए मामले सामने आए हैं, जिससे यह संख्या 20 हो गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से दस मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।

ओमीक्रोन स्वरूप के मामलों में वृद्धि क्रिसमस और नए साल से पहले हुई है, ऐसे मौके पर जब लोग बड़े पैमाने पर एकत्रित होते हैं और घर पर मिलते हैं।

लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल की एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, ‘‘ये सभी शेष दस रोगी एसिप्टोमेटिक हैं और 18-55 के आयु वर्ग के हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओमीक्रोन अत्यधिक संक्रामक है। लोगों को सबसे पहले किसी भी रूप में इकट्ठा होने से बचना चाहिए और सभी कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए जैसे कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना, सैनिटाइजर का उपयोग करना और बिल्कुल भी ढिलाई नहीं करना शामिल है।’’

यहां अपोलो अस्पताल के एक वरिष्ठ सलाहकार डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने कहा, ‘‘हमने लोगों के बीच पहले भी ढिलाई देखी थी और अब फिर से देख रहे हैं। भले ही लगभग सभी परिवारों ने अपने प्रियजनों की मृत्यु देखी या किसी ने अपने परिवार के सदस्यों को खोने के बारे में सुना, लेकिन ऐसा लगता है कि हमने अभी भी कोई सबक नहीं सीखा है। यह दुख की बात है।’’

फोर्टिस अस्पताल में पल्मोनोलॉजी की सलाहकार डॉ. ऋचा सरीन ने कहा, ‘‘या तो हमें अपने अतीत से सीखना चाहिए या फिर से उसी भयावहता का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए जैसा कि हमने कोविड की दूसरी लहर के दौरान देखा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को यह महसूस करना चाहिए कि यह ओमीक्रोन एक अत्यधिक संक्रामक स्वरूप है। जब हम कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की बात करते हैं, तो हम केवल तैयार रह सकते हैं और अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं कर सकते हैं।’’

डा. सरीन ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कारण पहली मौत ब्रिटेन में हुई है और इससे पहले कि फिर से देर हो जाए, अब कमर कस लेना बुद्धिमानी होगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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