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नियंत्रण रेखा पर हालात को लेकर कश्मीर के लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं: सैन्य अधिकारी

By भाषा | Updated: September 27, 2021 16:21 IST

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श्रीनगर, 27 सितंबर सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि कश्मीर के लोगों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हालात को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सेना हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डी. पी. पांडेय ने जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले के बोनियार में संवाददाताओं से कहा, ‘‘(नियंत्रण रेखा के पास) स्थिति काफी अच्छी है। हम अपने सैनिकों की तैनाती और नियंत्रण के साथ पूरी तरह तैयार हैं। नियंत्रण रेखा पर जो कुछ हो रहा है, उसे लेकर हमें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, कश्मीर के लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘छोटी-मोटी’’ घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन कश्मीर में हालात व्यापक रूप से अच्छे हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल पांडेय ने कहा, ‘‘यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। लोगों को कमरे नहीं मिल रहे हैं। कश्मीर के लोग खुश हैं। उन्हें अलगाववादियों का खेल समझ में आ गया है। अब कोई भी उनके (अलगाववादियों के) साथ नहीं है। हमें प्रार्थना करनी चाहिए कि हालात शांतिपूर्ण बने रहें।’’

इससे पहले कोर कमांडर ने कश्मीर के 10 ‘आर्मी गुडविल स्कूलों’ में डिजिटल कक्षाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा, ‘‘जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के आने और उसके प्रभाव के मद्देनजर भारतीय सेना ने आर्मी गुडविल स्कूलों में मौजूदा शिक्षण पद्धतियों में नवोन्मेषी परिवर्तन किए हैं। ऐसे ही एक प्रयास के तहत भारतीय सेना ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) के सहयोग से बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपुरा और अनंतनाग जिलों में कश्मीर संभाग के 10 आर्मी गुडविल स्कूलों में कक्षाओं का उन्नयन और डिजिटलीकरण करने के लिए एक परियोजना शुरू की है।’’

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के जरिए 128 कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में बदलना शामिल है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा। कुल 3.1 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए पीजीसीआईएल ने अपनी सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) पहल के तहत वित्तीय मदद दी है और गुरुग्राम स्थित आईड्रीम्स लिमिटेड इसे निष्पादित कर रही है।

परियोजना पर काम मार्च 2020 में शुरू हो गया था, लेकिन कोविड-19 के कारण इसे पिछले साल अप्रैल से सितंबर तक रोक दिया गया था। अधिकारियों ने कहा, ‘‘अब तक कुल 28 में से 16 आर्मी गुडविल स्कूलों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। हमें उम्मीद है कि शेष 12 स्कूलों का भी डिजिटलीकरण जल्द हो जाएगा। इससे कश्मीर घाटी के इन स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चे नवीनतम शिक्षण तकनीकों का लाभ उठा सकेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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