लाइव न्यूज़ :

जनता रो रही है, सरकार सो रही है, मुख्यमंत्री बाहर निकले और जनता की सुध लें:वसुंधरा राजे

By भाषा | Updated: August 9, 2021 22:00 IST

Open in App

जयपुर, नौ अगस्त राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे सोमवार को हाडौती संभाग में बाढ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने के बाद गहलोत सरकार पर हमला करते हुए कहा हाड़ौती की जनता खून के आंसू रो रहीं हैं जबकि राज्य सरकार जयपुर के सिविल लाइन्स में चैन की नींद सो रही हैं।’’

राजे ने बारां-झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती संभाग में बाढ़ से बिगड़ी स्थितियों पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार की संवेदनहीनता पर दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने सोमवार को सांसद दुष्यंत सिंह के साथ बारां जिले के सीसवाली, मांगरोल, छिनोद, शाहबाद, सड, बील, खेडा डांग, कवाई, छीपा बडौद सहित कई गांवों में बाढ व अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया।

राजे ने एक बयान में कहा,‘‘ बाढ़ और अतिवृष्टि की मार से परेशान हाड़ौती की जनता खून के आंसू रो रहीं हैं जबकि राज्य सरकार जयपुर के सिविल लाइन्स में चैन की नींद सो रही है।’’

उन्होंने कहा,‘‘चक्रवात ताऊते के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौरा किया मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बाढ़ग्रस्त इलाक़े का दौरा कर लोगों राहत पहुँचाई। (अब) मुख्यमंत्री (अशोक गहलोत) जी भी बाहर निकलें और जनता की सुध लें।’’

उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिन की अतिवृष्टि से उपजे बाढ़ के हालात में राज्य सरकार ने जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है तथा संकट की इस घड़ी में जनता के दुख-दर्द जानने की जगह मुख्यमंत्री और मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा कर खानापूर्ति में लगे रहे।

उन्होंने कहा कि दर्जनों लोगों की मौत हो गई, सैकड़ों मकान ढह गए, हज़ारों पशु मर गये,लापता हो गए, लेकिन राज्य सरकार और प्रशासन पंगु बना बैठा है।

राजे ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि आज हाड़ौती में 100 फीसदी फसलें बर्बाद हो चुकी है लेकिन संभागीय आयुक्त 30 फीसदी फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट देकर आँखों में धूल झोंक रहें हैं।

उन्होंने आरोप लगाया,‘‘ हमारी सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना को राजनीतिक कारणों से बंद करने का नतीजा आज कोटा संभाग ही नहीं पूरा प्रदेश भुगत रहा है।’’

उन्होंने कहा ,‘‘इस योजना से गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में ही एकत्र होता था। अब हालात यह है कि क़रीब-क़रीब पूरा हाड़ौती जलमग्न हो गया। सोयाबीन, चावल, उड़द,मक्का और ज्वार की बुवाई करने वाले हाड़ौती के किसान खून के आंसू रो रहे हैं।’’

राजे ने कहा कि सरकार भले ही सोती रहे लेकिन हम प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतAssembly Elections 2026: किसे मिलेगी सत्ता? असम, केरल और पुडुचेरी में जनता लिख रही है भविष्य; 4 मई को खुलेगा किस्मत का पिटारा

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

भारतराहुल सांकृत्यायन: घुमक्कड़ी ने जिन्हें महापंडित बनाया 

पूजा पाठRashifal 09 April 2026: लग्जरी आइटम खरीदने में पैसा होगा खर्च, इन 4 राशिवालों के सितारे बुलंद

भारत अधिक खबरें

भारतAssembly elections 2026: केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीट पर वोटिंग?, जानिए कब होंगे मतगणना

भारतSummer Special Trains 2026: गर्मियों की छुट्टियों के लिए रेलवे चला रहा है स्पेशल ट्रेनें, जानें रूट और टाइमिंग

भारत21वीं सदी की विकास यात्राः आइए, मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करें?

भारतनारी शक्ति वंदन अधिनियमः 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 2029 के आम चुनाव में लागू?, लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

भारतरेलवे में 8.85 प्रतिशत लोको पायलट ने लगातार 12 घंटे से अधिक काम किया?, रेलवे संघ ने कहा-46.96 प्रतिशत ने 9 घंटे शिफ्ट किए?