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पेगासस विवाद: कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली जांच, सरकार से श्वेत पत्र की मांग की

By भाषा | Updated: July 20, 2021 22:07 IST

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नयी दिल्ली,20 जुलाई कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पेगासस जासूसी मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराए जाने और सरकार से श्वेत पत्र लाने की मांग की है, जिसमें इस बात का स्पष्ट जिक्र हो कि उसने इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है अथवा नहीं।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमला तेज कर दिया है,वहीं केन्द्र ने जासूसी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा कि भारतीय लोकतंत्र को ‘नुकसान’ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सिब्बल ने यहां अपने आवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सोमवार को दिए गए उस बयान कि निगरानी कराए जाने संबंधी आरोप वैश्विक मंच पर भारत को बदनाम करने के लिए हैं, के लिए शाह पर पलटवार करते हुए कहा ‘‘ देश को बदनाम नहीं किया जा रहा, लेकिन आपकी सरकार के क्रियाकलापों की वजह से सरकार बदनाम हो रही है।’’

शाह के ‘‘आप क्रोनोलॉजी समझिए’’वाले बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘ हम क्रोनोलॉजी समझ रहे हैं। मैं अमित शाह जी से कहना चाहता हूं कि ‘आप इसकी क्रोनोलॉजी समझिए,यह वर्ष 2017-2019 के बीच हुआ है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘ यह (पेगासस मुद्दा) बेहद गंभीर मामला है। हम जैन हवाला मामले की ही तरह उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निरंतर परमादेश वाली जांच चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए क्योंकि ,‘‘हम इस सरकार की एजेंसियों पर भरोसा नहीं कर सकते।’’सिब्बल ने यह भी कहा कि कार्रवाई की रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए ताकि सभी को सच्चाई का पता चल सके।

यह पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी एक संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग कर रही है, उन्होंने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय की निगरानी वाली जांच के अतिरिक्त हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह भारत के एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर बोल रहे हैं।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को संसद में एक श्वेत पत्र लाना चाहिए जिसमें,स्पष्ट तौर पर लिखा हो कि क्या उसने या उसकी एजेंसियों ने जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं।

उन्होंने कहा,‘‘ सरकार को कहना चाहिए कि हमने कभी पेगासस का इस्तेमाल नहीं किया,लेकिन उसने यह नहीं कहा। एक बड़ी समस्या पैदा होती है कि अगर सरकार ने यह नहीं किया या उसकी एजेंसियों ने यह नहीं किया ,तो फिर ये किसने किया। एनएसओ (स्पाइवेयर बनाने वाली इजराइल की कंपनी) का कहना है कि वह सरकारी एजेंसियों के अतिरिक्त इसे किसी अन्य को नहीं बेचती।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि गृह मंत्री को संसद को यह बताना चाहिए कि सरकार ने जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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