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कंप्यूटर बाबा के खिलाफ कार्रवाई पर भड़के पटवारी ने मुख्यमंत्री को ‘हिटलर’ कहा

By भाषा | Updated: November 9, 2020 17:20 IST

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इंदौर, नौ नवंबर मध्यप्रदेश के नदी संरक्षण न्यास के अध्यक्ष रहे कंप्यूटर बाबा की गिरफ्तारी और उनके आश्रम को अवैध बताकर ढहाए जाने पर नाराजगी जताते हुए राज्य के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए सोमवार को ‘हिटलर’ शब्द का इस्तेमाल किया।

पटवारी की अगुवाई में स्थानीय कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शहर के केंद्रीय जेल में बंद कंप्यूटर बाबा से मुलाकात की। इसके बाद 46 वर्षीय कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, “शिवराज सिंह (चौहान) साधु-संतों को दो चश्मों से देखते हैं-एक उनके पक्ष के और दूसरे उनके विरोधी।”

उन्होंने कंप्यूटर बाबा के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “अगर साधु-संत विरोधी हैं, तो शिवराज सिंह (चौहान) जैसा हिटलर आदमी छोड़ेगा नहीं, वह यह बताना चाहते हैं।”

पटवारी ने जेल में कंप्यूटर बाबा से मुलाकात का हवाला देते हुए दावा किया, “यह कहते हुए कंप्यूटर बाबा की आंखों में आंसू आ गए कि हिंदुत्व के नाम का झंडा बुलंद करने वाली भाजपा के लोग साधु-संतों को इस तरह यातना दे रहे हैं।”

उन्होंने यहां कंप्यूटर बाबा के आश्रम को अवैध बताकर तोड़े जाने पर सवाल उठाए और दावा किया कि यह आश्रम विधायक निधि और जनपद पंचायत के सरकारी कोष से बना था।

उधर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता जेपी मूलचंदानी ने कहा, “समाज को सही राह दिखाने वाले सच्चे साधु-संतों का भाजपा हमेशा सम्मान करती है। लेकिन कंप्यूटर बाबा ने इंदौर में गौशाला की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया था। इसलिए उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई।”

उन्होंने कहा कि कंप्यूटर बाबा के समर्थन में कूदी कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ है?

गौरतलब है कि इंदौर शहर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में कथित सरकारी जमीन पर बने कंप्यूटर बाबा के अवैध आश्रम को जमींदोज किए जाने के साथ ही इस धार्मिक हस्ती समेत सात लोगों को रविवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया था।

केवल 15 महीने चल सकी पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने कंप्यूटर बाबा को राज्य मंत्री का दर्जा देते हुए नर्मदा, क्षिप्रा और मन्दाकिनी नदियों के संरक्षण के लिये गठित न्यास का अध्यक्ष बनाया था।

इससे पहले, सूबे की तत्कालीन भाजपा सरकार ने भी कंप्यूटर बाबा को अप्रैल 2018 में राज्य मंत्री का दर्जा दिया था। लेकिन उन्होंने इसके कुछ ही समय बाद यह आरोप लगाते हुए इस दर्जे से इस्तीफा दे दिया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा को स्वच्छ रखने और इस नदी से अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के मामले में संत समुदाय से “वादाखिलाफी” की है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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