दिशाहीन जांच...भटकाने की कोशिश?, पटना में 18 वर्षीया छात्रा की संदिग्ध मौत, रोहिणी अचार्या ने कहा-मुख्यमंत्री मौन और घिसा-पिटा जवाब दें रहे सम्राट चौधरी
By एस पी सिन्हा | Updated: January 20, 2026 16:30 IST2026-01-20T16:29:18+5:302026-01-20T16:30:02+5:30
रोहिणी आचार्या ने एक्स पर पोस्ट लिखा है कि पूरे मामले पर सरकार और एसआईटी ने चुप्पी साध रखी है।

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पटनाः बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीया छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सरकार और पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की एसआईटी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है और अंधेरे मे तीर चला रही है। इस घटना को लेकर सियासत भी खूब हो रही है। इसी कडी में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या इस मामले को लेकर लगातार सरकार और पटना पुलिस पर सवाल उठा रही हैं। इसी क्रम में रोहिणी ने एक बार फिर से सरकार और पटना पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रोहिणी आचार्या ने एक्स पर पोस्ट लिखा है कि पूरे मामले पर सरकार और एसआईटी ने चुप्पी साध रखी है। वहीं राज्य के गृहमंत्री घिसा पीटा जवाब देकर सिर्फ औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा है कि “दिशाहीन जांच .. भटकाने की कोशिश !! बिहार के लोगों में ये आम धारणा कायम हो रही है कि शम्भू गर्ल्स हॉस्टल कांड में अगर किसी ने पुलिसिया जांच से कोई उम्मीद लगा रखी है, तो वो मुगालते में जी रहा है।".. ऐसी धारणा कायम होने की वाजिब वजहें भी हैं।" घटना घटित हुए लगभग एक पखवारे का समय होने जा रहा है, उपलब्ध साक्ष्यों व उजागर पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट से लगभग सब कुछ स्पष्ट है, फिर भी पुलिस के द्वारा पुलिसिया जांच की आड़ में रोज एक नयी भटकाने, भ्रम पैदा करने वाली थ्योरी सामने रखी जा रही है।
रोहिणी ने आगे लिखा है कि “हॉस्टल सचालकों, सहज सर्जरी नर्सिंग होम, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर सतीश, चित्रगुप्त नगर थाने की महिला पुलिस अधिकारी, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक पर किसी भी प्रकार कोई पुख्ता कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है, मुख्य आरोपियों की अब तक नहीं हुई गिरफ़्तारी के सवाल पर भी सरकार के द्वारा गठित एसआईटी मौन है।
बिहार के मुख्यमंत्री मौन हैं, गृहमंत्री घिसा-पिटा जवाब दे कर औपचारिकता पूरी करते दिख रहे हैं। अंत में रोहिणी ने लिखा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि बिहार सरकार व पुलिस जांच की दिशा को लंबा खींच व् भटका कर मामले को ठंढा करने की कोशिश के मामले की लीपापोती करने वाले आरोपियों एवं अभियुक्तों को किसी बड़े दबाब की वजह से बचाना चाह रही है.. !!