लाइव न्यूज़ :

मुंबई के अस्पताल में मरीज की मौत, चूहे ने काट लिया था

By भाषा | Updated: June 24, 2021 00:33 IST

Open in App

मुंबई, 23 जून मुंबई में उपनगरीय घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में 24 वर्षीय उस मरीज की बुधवार को मौत हो गई जिसकी आंख के पास चूहे ने काट लिया था। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों ने बताया कि रोगी शराब से संबंधित यकृत की बीमारी से पीड़ित था और अस्पताल में भर्ती होने के दिन से ही उसकी हालत बहुत गंभीर थी।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को मरीज के एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया था कि उसकी आंख के पास तब एक चूहे ने काट लिया था, जब उसे निकाय संचालित अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने जांच का आदेश दिया था।

अस्पताल प्रबंधन ने चूहे के काटने की घटना की पुष्टि की थी। अधिकारियों के मुताबिक, मरीज को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतBaramati Bypoll 2026: कौन हैं आकाश मोरे? बारामती उपचुनाव में महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से टक्कर?

भारतअसम की जनता ने इस बार दो काम पक्के किए?, पीएम मोदी बोले- एनडीए की हैट्रिक और कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड?

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां