लाइव न्यूज़ :

औरंगाबाद में प्रतिबंधों को लागू करने में अपनाया जा रहा पक्षपातपूर्ण रवैया: सांसद

By भाषा | Updated: May 24, 2021 15:55 IST

Open in App

औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 24 मई महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एआईएमआईएम के लोकसभा सदस्य इम्तियाज जलील ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों को नगर प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है और कुछ बड़ी दुकानों के मालिकों और शराब की दुकानों को इसका लाभ मिल रहा है।

जलील ने यह भी दावा किया कि बैंक ऐसे समय में “जबरन” कर्ज वसूली कर रहे हैं और लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को हस्तक्षेप करना चाहिए।

‘फेसबुक लाइव’ के माध्यम से रविवार को जलील ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने के लिए गुलमंडी में मिठाई की एक बड़ी दुकान को सील कर दिया गया था लेकिन दो घंटे बाद वह दोबारा खुल गई जबकि छोटे दुकानदारों की दुकानें आठ मई से बंद हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तानी सोशल मीडिया की झूठी जानकारी का इस्तेमाल कर पत्नी पर आरोप, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात?

क्राइम अलर्ट27 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी, मेरठ और बहराइच में एक्शन, वसीम अकरम, शुभम गुप्ता और नेक आलम अरेस्ट

कारोबारपश्चिम एशिया युद्ध के बीच जमकर गाड़ी खरीद कर लोग?, 2025-26 में 13.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 2,96,71,064?, जानिए दोपहिया वाहनों की संख्या

क्रिकेटएक था जो विकेट के पीछे?, जितेश शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने धोनी पर किया कटाक्ष, वीडियो

क्राइम अलर्टबास्केटबॉल हुप पर पुल-अप्स कर रहे थे समुद्री इंजीनियरिंग संस्थान में 20 वर्षीय कैडेट विशाल वर्मा?, बैकबोर्ड गिरने से मौत

भारत अधिक खबरें

भारतमुंबई में IIMCAA कनेक्शन्स मीट, फिल्म निर्माता मनोज मौर्य की सिल्वर जुबली सम्मान से सम्मानित

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां