पार्थ गौतम फाउंडेशन की पहल: पहले दिवाली, फिर होली - लगातार खुशियां बांटने का सिलसिला
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 19, 2026 16:30 IST2026-03-19T16:30:24+5:302026-03-19T16:30:51+5:30
पार्थ गौतम के नेतृत्व में चल रही पहल, जरूरतमंद परिवारों तक सम्मान और सहयोग के साथ त्योहारों की खुशियां पहुंचाने का निरंतर प्रयास।

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बरेली: भारत में त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने, अपनापन बढ़ाने और नई उम्मीद जगाने का माध्यम होते हैं। लेकिन कई परिवार ऐसे भी हैं, जहां आर्थिक या स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के कारण ये खुशियां पूरी तरह नहीं पहुंच पातीं। बरेली में इस वर्ष होली सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कई जरूरतमंद परिवारों के जीवन में उम्मीद, अपनापन और सहारे के रंग भी भर गई। समाजसेवी पार्थ गौतम और उनकी संस्था पार्थ गौतम फाउंडेशन द्वारा चलाया गया अभियान “खुशियों के रंग, अपनों के संग” सैकड़ों परिवारों के लिए इस बार की होली को खास बना गया।
होली के बाद भले ही गलियों से रंग और गुलाल धीरे-धीरे धुल गए हों, लेकिन जिन परिवारों तक यह पहल पहुंची, उनके लिए यह त्योहार लंबे समय तक यादगार बन गया। भारत में त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि रिश्तों, संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं। ऐसे में समाज के उन वर्गों तक खुशी पहुंचाना, जो आर्थिक या सामाजिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रहा।
इस पहल के तहत पार्थ गौतम स्वयं अपनी टीम के साथ विभिन्न बस्तियों और घरों तक पहुंचे। उन्होंने परिवारों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता प्रदान करने का प्रयास किया। कहीं चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, कहीं बच्चों की शिक्षा चिंता का विषय थी, तो कहीं केवल यह भरोसा देना जरूरी था कि मुश्किल समय में कोई साथ खड़ा है।
फाउंडेशन का उद्देश्य केवल एक दिन की खुशी देना नहीं, बल्कि परिवारों को दीर्घकालिक सहारा प्रदान करना है। इसी सोच के साथ संस्था लगातार विभिन्न सामाजिक अभियानों के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाती रही है। पिछले दो वर्षों से “हर घर दीपावली” अभियान के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष पार्थ गौतम स्वयं 500 से अधिक परिवारों से मिल चुके हैं।
उन्होंने इन परिवारों की समस्याओं को नजदीक से समझते हुए उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम भी उठाए हैं। इसके अलावा, संस्था द्वारा सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए हेलमेट वितरण, भीषण गर्मी में निशुल्क शीतल जल सेवा, सर्दियों में निशुल्क चाय सेवा, तथा 15,000 से अधिक परिवारों तक कंबल, हेलमेट और जैकेट वितरण जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं।
संस्था हर सप्ताह अपने कार्यालय के माध्यम से 300 से अधिक परिवारों तक सहायता पहुंचा रही है, जिसमें मुफ्त शिक्षा, चिकित्सा सहयोग, तथा जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। होली का यह अभियान केवल एक अवसर नहीं, बल्कि फाउंडेशन के निरंतर सामाजिक प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो उसकी मजबूत सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।“खुशियों के रंग, अपनों के संग” ने यह संदेश दिया है कि त्योहारों की असली खूबसूरती तभी है, जब समाज का हर व्यक्ति उसमें शामिल हो सके — और कोई भी खुशी से वंचित न रहे।