संसदीय समिति ने पढ़ाई संबंधी अंतर को खत्म करने के लिए उपग्रह टीवी के इस्तेमाल का सुझाव दिया
By भाषा | Updated: June 21, 2021 22:22 IST2021-06-21T22:22:56+5:302021-06-21T22:22:56+5:30

संसदीय समिति ने पढ़ाई संबंधी अंतर को खत्म करने के लिए उपग्रह टीवी के इस्तेमाल का सुझाव दिया
नयी दिल्ली, 21 जून संसद की एक समिति ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों को सुझाव दिया कि कोरोना महामारी में स्कूलों के बंद होने के कारण पढ़ाई संबंधी जो अंतर (लर्निंग गैप) पैदा हुआ है, उसे दूर करने के लिए उपग्रह टेलीविजन का इस्तेमाल किया जाए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
समिति ने यह भी फैसला किया कि उसकी अगली बैठक में इसरो के अधिकारियों को बुलाया जाएगा। भाजपा सांसद विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता वाली शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी बात रखी।
इस बैठक का एजेंडा कोविड महामारी के कारण आए पढ़ाई संबंधी फासले को खत्म करने के लिए योजना बनाने का था।
सूत्रों ने बताया कि सहस्रबुद्धे समेत समिति के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि इस फासले को पाटने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए तथा उन्होंने सुझाव दिया कि दूरदर्शन डीटीएच जैसे उपग्रह टेलीविजन का इस्तेमाल किया जाए क्योंकि इसके लिए बच्चों को इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी।
सहस्रबुद्धे ने इस बात पर जोर दिया कि कुछ दूरदर्शन चैनलों पर विषयवार कक्षाओं का प्रसारण भी किया जा सकता है तथा यह क्षेत्रीय भाषाओं में भी हो ताकि ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी इन्हें देख सकें और पढ़ाई कर सकें।
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