Pariksha Pe Charcha 2026: सपने न देखना एक क्राइम और सपने देखने ही चाहिए?, पीएम मोदी ने छात्रों से की बात
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 6, 2026 13:21 IST2026-02-06T13:16:21+5:302026-02-06T13:21:50+5:30
Pariksha Pe Charcha 2026 Live Updates: प्रधानमंत्री के स्कूली और कॉलेज के छात्रों के साथ संवादात्मक कार्यक्रम का पहला संस्करण फरवरी 2018 में टालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया था।

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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत की। नौवें संस्करण में प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ रोचक किस्से साझा किए, जिसका मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षा से पहले उन्हें सीखने के लिए प्रोत्साहित करना और तनावमुक्त रहने में मदद करना था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन और बोर्ड परीक्षा से जुड़ी अन्य चुनौतियों पर मार्गदर्शन साझा किया। इस वर्ष के संस्करण में अभूतपूर्व भागीदारी दर्ज की गई, जिसने 2025 के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
सपने न देखना एक क्राइम है।
— BJP (@BJP4India) February 6, 2026
सपने देखने ही चाहिए, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है।
इसलिए, जीवन में कर्म को ही प्रधान मानना चाहिए।
- पीएम श्री @narendramodi
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छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के 45 लाख से अधिक पंजीकरण हुए। परीक्षा को उत्सव बनाएं। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान पर सोचे। पर्यावरण बचाएं स्वच्छ। प्रधानमंत्री मोदी बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों से बातचीत करते हैं। इस दौरान वे परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों से संबंधित छात्रों के सवालों के जवाब भी देते हैं।
हर चीज में संतुलन होना चाहिए, एक तरफ झुकोगे, तो गिरोगे ही गिरोगे।
— BJP (@BJP4India) February 6, 2026
Skill में भी 2 प्रकार के Skills हैं।
एक है life skill और दूसरा है professional skill.
उसमें भी कोई मुझसे पूछेगा कि किस पर ध्यान देना चाहिए, तो मैं कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए।
बिना अध्ययन और ऑब्जरवेशन… pic.twitter.com/xvujY5H8xC
जब परीक्षा पे चर्चा मैंने शुरू किया, तो एक पैटर्न था। अब धीरे-धीरे में उसे बदलता जा रहा हूं, इस बार मैंने अलग-अलग राज्यों में भी किया। मैंने भी अपनी पैटर्न बदली, लेकिन मूल पैटर्न को नहीं छोड़ा।Teacher का प्रयास रहना चाहिए कि student की speed इतनी है, मेरी speed उससे एक कदम ज्यादा रहनी चाहिए। हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए, जो पहुंच में हो, लेकिन पकड़ में न हो।
मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो और फिर आपको पढ़ाई के जो विषय रखने हों, रखो। फिर आप student को हमेशा सफल पाएंगे। हर चीज में संतुलन होना चाहिए। एक तरफ झुकोगे तो गिरोगे ही गिरोगे। Skill में भी 2 प्रकार के Skill हैं। एक है life skill और दूसरा है professional skill. उसमें भी कोई मुझसे पूछेगा कि किसी पर ध्यान देना चाहिए, मैं कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए।
बिना अध्ययन और ऑब्जरवेशन किए और बिना ज्ञान प्रयुक्त किए कोई भी स्किल आ सकता है क्या? Skill की शुरुआत तो ज्ञान से ही होती है, उसका महत्व कम नहीं है। अभी मेरे जन्मदिन पर 17 सितंबर को एक नेता ने फोन किया और कहा कि आपके 75 साल हो गए, तो मैंने उसे कहा कि 25 अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं।
LIVE: Pariksha Pe Charcha 2026 with PM Shri @narendramodi#ParikshaPeCharcha26https://t.co/OJHZlQMXVd
— BJP (@BJP4India) February 6, 2026
हमारे देश में बोर्ड के एग्जाम में नंबर लाने वाले बच्चे छोटे-छोटे गांव से हैं, पहले बड़े परिवार और बड़ी स्कूल के बच्चे ही नंबर लाते थे। अभी कुछ दिन पहले में ब्लाइंड क्रिकेट टीम की बच्चियों से मिला, वो जीतकर आई थीं, जब मैंने उनको सुना तो मेरी आंखों में आंसू आ गए। उनके पास घर नहीं है, और वो ब्लाइंड हैं, खेलना सीखा और दिव्यांग होने के बावजूद भी वो यहां तक पहुंची।
हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिये कि comfort zone ही जीवन बनाता है, जीवन बनता है, जिन्दगी जीने के तरीके से। सपने न देखना एक क्राइम है। सपने देखने ही चाहिए, लेकिन सपनों को गुनगुनाते रहना कभी काम नहीं आता है। इसलिए, जीवन में कर्म को ही प्रधान मानना चाहिए। जब परीक्षा पे चर्चा मैंने शुरू किया, तो एक पैटर्न था।
अब धीरे-धीरे में उसे बदलता जा रहा हूं, इस बार मैंने (ये चर्चा) अलग-अलग राज्यों में भी किया। मैंने भी अपनी पैटर्न बदली, लेकिन मूल पैटर्न को नहीं छोड़ा। हर चीज में संतुलन होना चाहिए, एक तरफ झुकोगे, तो गिरोगे ही गिरोगे। Skill में भी 2 प्रकार के Skills हैं। एक है life skill और दूसरा है professional skill. उसमें भी कोई मुझसे पूछेगा कि किस पर ध्यान देना चाहिए, तो मैं कहूंगा कि दोनों पर ध्यान देना चाहिए। बिना अध्ययन और ऑब्जरवेशन किए और बिना ज्ञान प्रयुक्त किए कोई भी Skill नहीं आ सकती। Skill की शुरुआत तो ज्ञान से ही होती है, उसका महत्व कम नहीं है।