सांसद पप्पू यादव के बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने वाले बयान पर गरमायी सियासत

By एस पी सिन्हा | Updated: March 7, 2026 17:20 IST2026-03-07T17:20:20+5:302026-03-07T17:20:25+5:30

इस बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई योजना केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं है और यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन है। 

Pappu Yadav's statement that a new Union Territory would be created by combining Bihar's Seemanchal region and some districts of West Bengal has sparked a political uproar | सांसद पप्पू यादव के बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने वाले बयान पर गरमायी सियासत

सांसद पप्पू यादव के बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने वाले बयान पर गरमायी सियासत

पटना:बिहार में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने यह आरोप लगाकर कि बिहार के सीमांचल इलाके और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी की जा रही है, एक नये विवाद को जन्म दे दिया है। इस बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई योजना केंद्र सरकार के स्तर पर नहीं है और यह दावा पूरी तरह तथ्यहीन है। 

दरअसल, पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि भाजपा की योजना है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराया जाए और इसके बाद बिहार के सीमांचल क्षेत्र तथा पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि इस प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में बिहार के सीमांचल क्षेत्र के जिलों किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार के साथ पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों को शामिल किया जा सकता है। 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाने और नए राज्यपाल की नियुक्ति के पीछे भी यही राजनीतिक योजना हो सकती है। हालांकि इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पप्पू यादव का यह दावा पूरी तरह निराधार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी किसी योजना पर केंद्र सरकार में कोई चर्चा नहीं हुई है और उनके ट्वीट को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि सीमांचल केवल बिहार का एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह भारत के पूर्वी सीमा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बेल्ट का हिस्सा माना जाता है। 

यह इलाका नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के करीब है और सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी ज्यादा दूर नहीं है, जिसे भारत का लाइफलाइन कॉरिडोर कहा जाता है। सुरक्षा के जानकारों का मानना है कि सीमा पार घुसपैठ, मानव तस्करी, ड्रग रूट और बदलते भू राजनीतिक समीकरणों के कारण यह क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील बना हुआ है। यही वजह है कि हाल के दिनों में सीमांचल को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक चर्चाएं तेज होती दिखाई दे रही हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब 25 से 27 फरवरी के बीच सीमांचल क्षेत्र के किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में तीन दिनों तक हुके तो सीमांचल क्षेत्र को लेकर नई राजनीतिक और रणनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन पप्पू यादव ने गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे, बिहार में नए राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल तमिलनाडु के तत्कालीन राज्यपाल आर. एन. रवि की नियुक्ति को इस कवायद से जोड़ते हुए सवाल उठाया है। 

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया संघ शासित क्षेत्र बनाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो वह स कदम का विरोध करेंगे। उन्होंने अपने बयान में साफ कहा कि वे बिहार के किसी भी तरह के बंटवारे का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लाश पर ही बिहार का बंटवारा होगा। उनके इस बयान के बाद सीमांचल और बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

Web Title: Pappu Yadav's statement that a new Union Territory would be created by combining Bihar's Seemanchal region and some districts of West Bengal has sparked a political uproar

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