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Pahalgam attack: आतंकी हमले का असर?, 27 अप्रैल से वीजा रद्द, जल्द से जल्द भारत छोड़िए, केंद्र ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कीं

By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 24, 2025 16:24 IST

केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे की समय-सीमा दिये जाने के एक दिन बाद इस पड़ोसी देश के कई नागरिक बृहस्पतिवार को अटारी-वाघा सीमा मार्ग से स्वदेश लौटने लगे। 

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ठळक मुद्देविदेश मंत्रालय ने भारतीयों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की भी सलाह दी है।सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल 2025 से रद्द हो जाएंगे।मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल 2025 तक वैध होंगे। 

नई दिल्लीः नई दिल्लीः केंद्र में मोदी सरकार ने पाकिस्तान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के फैसले के अनुरूप पाकिस्तानी नागरिकों की वीजा सेवा तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल से रद्द माने जाएंगे। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे। भारत में इस समय रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा अवधि, जो अब संशोधित कर दी गई, के समाप्त होने से पहले देश छोड़ देना चाहिए। भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। वर्तमान में पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों को भी जल्द से जल्द भारत लौटने की सलाह दी जाती है।

केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ना होगा, क्योंकि 27 अप्रैल से उनके वीजा रद्द कर दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की भी सलाह दी है।

बयान में कहा गया है कि पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सुरक्षा पर कैबिनेट समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के क्रम में, भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीजा 27 अप्रैल 2025 से रद्द हो जाएंगे।

पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए मेडिकल वीजा केवल 29 अप्रैल 2025 तक वैध होंगे। केंद्र ने पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार (अताशे) को निष्कासित करने, 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने और कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए भीषण आतंकवादी हमले के सीमा-पार संबंधों के मद्देनजर अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करने सहित कई उपायों की बुधवार को घोषणा की।

इस हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिकों को दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस वीजा योजना के तहत फिलहाल भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास देश छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) ने यह निर्णय लिया। बैठक में घोषणा की गई कि अटारी में एकीकृत चेक-पोस्ट (आईसीपी) को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा और जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान गए हैं, वे एक मई से पहले उस रास्ते से वापस आ सकते हैं।

बृहस्पतिवार की सुबह कई पाकिस्तानी परिवार अटारी-वाघा सीमा मार्ग से स्वदेश लौटने के लिए अमृतसर स्थित आईसीपी पर पहुंचे। कराची के एक परिवार ने कहा कि वे लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने दिल्ली गए थे। परिवार के एक सदस्य ने कहा, ‘‘हम 15 अप्रैल को यहां (भारत) आए थे और आज हम घर लौट रहे हैं, हालांकि हमारे पास 45 दिनों का वीजा था।’’

पहलगाम हमले पर एक सवाल का जवाब देते हुए, पाकिस्तानी नागरिक ने कहा, ‘‘जिसने भी यह किया है वह पूरी तरह से गलत है। हम दोनों देशों के बीच आपसी भाईचारा और दोस्ती चाहते हैं।’’ मंसूर नामक एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ 15 अप्रैल को 90 दिन के वीजा पर भारत आया था।

मंसूर ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा, ‘‘लेकिन हम आज घर लौट रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। पाकिस्तान जाने के लिए वीजा प्राप्त कुछ भारतीय नागरिक भी बृहस्पतिवार को आईसीपी पहुंचे, जिनमें गुजरात का एक परिवार भी शामिल था, जो कराची में अपने रिश्तेदारों से मिलने जाना चाहता था।

परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य ने कहा, ‘‘हमें दो महीने पहले वीजा मिला था।’’ हालांकि, जब उन्हें बताया गया कि अटारी-वाघा सीमा मार्ग बंद कर दिया गया है, तो बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि अगर ऐसा है तो वे घर लौटने को तैयार हैं। पाकिस्तान जाने के लिए बुधवार शाम को अमृतसर पहुंचे राजस्थान के दो व्यक्तियों ने कहा कि उन्हें अटारी-वाघा सीमा मार्ग बंद किए जाने के बारे में जानकारी नहीं थी।

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