लाइव न्यूज़ :

टेलीमेडिसिन सुविधा ई-संजीवनी के जरिये 1.3 करोड़ से अधिक परामर्श दिये गये: सरकार

By भाषा | Updated: October 4, 2021 22:33 IST

Open in App

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सरकार की टेलीमेडिसिन सुविधा ई-संजीवनी के जरिये 1.3 करोड़ से अधिक परामर्श सेवाएं दी गई हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु ने इन सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘आज, लगभग 90,000 मरीज रोजाना ई-संजीवनी मंच का इस्तेमाल करते हैं।’’

ई-संजीवनी के दो संस्करण हैं जो पूरे भारत में दूरस्थ चिकित्सा परामर्श प्रदान कर रहे हैं। इनमें- चिकित्सक से चिकित्सक (ई-संजीवनीएबी-एचडब्ल्यूसी) और रोगी से डॉक्टर (ई-संजीवनीओपीडी) शामिल हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नवंबर 2019 में पेश की गई ई-संजीवनीएबी-एचडब्ल्यूसी को भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिसंबर 2022 तक ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल में 1,55,000 स्वास्थ्य और देखभाल केंद्रों पर लागू करने की योजना है।

ई-संजीवनीएबी-एचडब्ल्यूसी वर्तमान में 27,000 से अधिक स्वास्थ्य और देखभाल केंद्रों पर संचालित है।

इस विशाल टेलीमेडिसिन पहल का दूसरा संस्करण, ई-संजीवनीओपीडी 13 अप्रैल, 2020 को पहले लॉकडाउन के दौरान शुरू किया गया था, जब देशभर में ओपीडी बंद थी। यह पहल रोगियों को उनके घरों की चारदीवारी में बाह्य रोगी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करती है।

मंत्रालय ने कहा कि ई-संजीवनी को अपनाने के मामलों में अग्रणी 10 राज्यों में - आंध्र प्रदेश (42,23,054 परामर्श), कर्नाटक (24,15,774), तमिलनाडु (15,99,283), उत्तर प्रदेश (13,71,799), गुजरात (4,85,735), मध्य प्रदेश (4,47,878), बिहार (4,36,383), महाराष्ट्र (4,03,376), पश्चिम बंगाल (3,69,441), उत्तराखंड (2,71,513) शामिल हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतDC vs GT, IPL 2026: फ्री होकर देखिए मैच, दिल्ली मेट्रो देर रात तक पहुंचाएंगी घर, DMRC ने बदली अपनी टाइमिंग

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, जानें भारत में ईंधन की कीमतों को कितना मिलेगा फायदा

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

भारत अधिक खबरें

भारतपंजाब में अमित शाह का प्रतिभा खोज अभियान?, आरिफ मोहम्मद खान ढाका जाएंगे!

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र