लाइव न्यूज़ :

भाजपा को हराने की अपील के साथ चुनाव वाले राज्यों में जाएंगे हमारे नेता: संयुक्त किसान मोर्चा

By भाषा | Updated: March 2, 2021 21:31 IST

Open in App

नयी दिल्ली, एक मार्च दिल्ली में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेताओं ने मंगलवार को कहा कि भाजपा को हराने की अपील करने के लिए एसकेएम उन राज्यों में अपने नेताओं को भेजेगा, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

आंदोलनरत किसान छह मार्च को केएमपी (वेस्टर्न पेरिफेरल) एक्सप्रेस वे को भी अवरुद्ध करेंगे।

गौरतलब है कि उस दिन किसान आंदोलन को सौ दिन पूरे हो जाएंगे।

एसकेएम नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि छह मार्च को पूर्वाह्न 11 बजे से पांच घंटे के लिए एक्सप्रेसवे पर विभिन्न जगहों को अवरुद्ध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एसकेएम नेता कोलकाता में 12 मार्च को एक जनसभा करेंगे जिसमें भाजपा को हराने की अपील की जाएगी।

बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि एसकेएम की टीमें भाजपा को हराने की अपील करने के लिए पश्चिम बंगाल और केरल समेत उन राज्यों में जाएंगी, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

सिंघू बॉर्डर पर संयुक्त प्रेस वार्ता में राजेवाल ने कहा, “हम किसी पार्टी के लिए वोट नहीं मांगेंगे। हम उन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील करेंगे, जो भाजपा को हरा सकते हैं। भाजपा किसानों के मुद्दों को सुलझाने में नाकाम रही है।”

यादव ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग न्याय, संविधान या सही गलत की भाषा नहीं समझते।

उन्होंने कहा कि वह लोग केवल ताकत, चुनाव और वोट की भाषा समझते हैं।

यादव ने कहा, “इसलिए किसानों ने उन्हें वोट के जरिये चोट पहुंचाने का फैसला किया है। जिन पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उनके मतदाताओं से आग्रह करते हैं कि इस पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों को सजा दे। इन्होंने किसान विरोधी कानूनों को लागू किया, किसानों का दमन किया और उन्हें अपमानित करने की कोशिश की।”

उन्होंने कहा कि यादव ने कहा कि मोर्चा के नेता कर्नाटक का दौरा भी करेंगे, जहां किसानों को विभिन्न फसलों पर एमएसपी से कम कम एक हजार रुपये कम मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसान, अपने उत्पाद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य मांगने के लिए पांच मार्च को गुलबर्ग से शुरुआत कर मंडियों में भी जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आठ मार्च को महिला दिवस के अवसर पर महिला आंदोलनकारी दिल्ली की सीमाओं और देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन करेंगी।

सोमवार को एसकेएम ने अपने घटक संगठनों की एक बैठक बुलाई थी जिसमें आंदोलन को आगे ले जाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई थी।

मोर्चा ने लोगों से आग्रह किया है कि वे आंदोलन के समर्थन में छह मार्च को अपने घरों में काले झंडे प्रदर्शित करें और कलाई पर काली पट्टी बांधे।

एसकेएम ने 15 मार्च को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित ‘निजीकरण विरोध दिवस’ का समर्थन करने का निर्णय लिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

विश्वईरान ने US के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने की सीमा रोज़ाना 15 जहाज़ों तक तय की

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

क्रिकेटKKR vs LSG: विवादित कैच, बाउंड्री रोप से दिग्विजय राठी का पैर छूने के बावजूद फिन एलन को दिया गया आउट, WATCH

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा

भारत अधिक खबरें

भारतAssembly Elections 2026: असम में 84.42% मतदान दर्ज, केरल, पुडुचेरी में जानें शाम 5 बजे तक मतदान का रुझान

भारतKerala Elections 2026: केरलम में 140 सीटों पर मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 75% वोटिंग

भारतपिता अजीत पवार की गुलाबी जैकेट पहनकर पार्थ पवार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, वीडियो

भारतVIDEO: 'क्या आपकी लैंग्वेज अनपार्लियामेंट हो गई है?' ये सवाल पूछे जाने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने 'लल्लनटॉप' के रिपोर्टर को झाड़ा, दोनों के बीच हुई बहस

भारत9100000 मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए?, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- सत्ता के लिए बीजेपी पागल हुई?, चुनाव हम ही जीतेंगे