Lakhimpur Kheri Case: ओपी राजभर ने BJP पर साधा निशाना, कहा- आशीष मिश्रा को इसलिए जमानत मिली क्योंकि वो मंत्री के बेटे हैं
By मनाली रस्तोगी | Updated: February 10, 2022 15:37 IST2022-02-10T15:34:03+5:302022-02-10T15:37:40+5:30
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले के आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत मिलने के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का बयान सामने आया है।

Lakhimpur Kheri Case: ओपी राजभर ने BJP पर साधा निशाना, कहा- आशीष मिश्रा को इसलिए जमानत मिली क्योंकि वो मंत्री के बेटे हैं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले के आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को आज इलाहाबाद कोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत दे दी है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का बयान सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआई को राजभर ने कहा, "टेनी के बेटे को तो जमानत मिल गई लेकिन गाजीपुर बॉर्डर और लखीमपुर में मरने वाले किसानों को न्याय नहीं मिला है। जहां कहीं भी भाजपा का निजी हित है, उस व्यक्ति को जमानत मिल जाती है और जब उनका हित पूरा नहीं होता है तो कोई जमानत नहीं होती है।"
Ashish Mishra was given bail only because he is the son of a minister. BJP knows that it is losing the polls. They are trying to garner Brahmin votes by securing bail in order to send a message to the community that this bail is the result of their efforts: SBSP chief OP Rajbhar pic.twitter.com/EqE8Amgwoa
— ANI (@ANI) February 10, 2022
अपनी बात को जारी रखते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा, "आशीष मिश्रा को सिर्फ इसलिए जमानत दी गई क्योंकि वह एक मंत्री के बेटे हैं। भाजपा जानती है कि वह चुनाव हार रही है। वे समुदाय को यह संदेश देने के लिए कि यह जमानत उनके प्रयासों का परिणाम है, जमानत हासिल करके ब्राह्मण वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।" बता दें कि 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन से लौट रहे चार किसानों को एसयूवी कार द्वारा कुचल दिया गया था। इस घटना के बाद हुई हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार समेत कुछ लोग भी मारे गए थे।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने कोर्ट में 5,000 पन्नों की चार्जशीट को दाखिल की थी। इस चार्जशीट में आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। किसानों ने आरोप लगाया था कि एसयूवी अजय मिश्रा टेनी की थी और उसमें आशीष मिश्रा (मोनू) था। हालांकि मोनू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। उसने कहा था वह घटनास्थल पर नहीं था, बल्कि बनवीरपुर में था। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने पाया था कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना एक सोची समझी साजिश थी और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं में बदलाव किया गया था। मामले में आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर हत्या का मुकदमा है।