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खट्टर के बयान में स्पष्ट रूप से एक धर्म को निशाना बनाया गया : उमर अब्दुल्ला

By भाषा | Updated: December 12, 2021 23:01 IST

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श्रीनगर, 12 दिसंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के उस बयान की निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि खुले में ‘नमाज’ पढ़ने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि खट्टर का यह निर्णय गलत है और इसका मतलब साफ है कि एक धर्म विशेष को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में किसी भी धर्म को मानने की पूरी स्वतंत्रता है। अब्दुल्ला ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पार्टी के एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान और उनका निर्णय पूरी तरह गलत है।’’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं इसे स्वीकार कर लेता अगर यह प्रतिबंध हर धर्म पर लागू होता लेकिन इस बयान से स्पष्ट है कि एक धर्म विशेष को निशाना बनाया गया है, जिसकी देश के संविधान में अनुमति नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह वह भारत नहीं है’’ जिसमें जम्मू-कश्मीर का विलय हुआ था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु भारत में शामिल हुआ था। यह (खट्टर का) बयान काफी निंदनीय है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या गुपकर गठबंधन (पीएजीडी) एकजुट है, तो अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यह एकजुट है और अपना संघर्ष जारी रखेगा।’’

गौरतलब है कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को पांच अगस्त 2019 को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ जम्मू कश्मीर के मुख्यधारा के छह राजनीतिक दलों ने पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) नामक एक संगठन बनाया था, जिसकी मांग है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा पुन: बहाल किया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "लड़ाई जारी रहेगी। अगर उसमें कुछ बदलाव लाने की जरूरत है तो हम वह करेंगे। इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि हमारे शासक पीएजीडी को पसंद नहीं करते हैं। पहले भी पीएजीडी को कमजोर करने की कोशिश की गई थी। हमारे एक साथी को किसी न किसी बहाने पीएजीडी से अलग कर दिया गया।"

दरअसल, सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस इस साल की शुरुआत में पीएजीडी से अलग हो गयी थी।

उन्होंने कहा कि पीएजीडी के अन्य शेष सदस्य ऐसी ताकतों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे जो इसे तोड़ना चाहती हैं।

इस बीच, पार्टी के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले का वास्तविक उद्देश्य अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।

अब्दुल्ला ने कहा, "अब स्थिति ऐसी है कि आतंकवाद उन क्षेत्रों में वापस आ गया है जिन्हें आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया था। हमने अपने कार्यकाल के दौरान श्रीनगर से 40 बंकर हटाए थे, लेकिन अब बंकर वापस आ गए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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