लाइव न्यूज़ :

बेशक आप सरकार कोविड-19 से निपटने में अत्यधिक सक्रियता से काम करेगी :दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा

By भाषा | Updated: January 14, 2021 17:37 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 14 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे कोई संदेह नहीं है कि कोविड-19 पर एक समिति की सिफारिशों पर गौर कर रही शहर की आप सरकार राष्ट्रीय राजधानी में महामारी से और मरीजों के इस रोग से उबरने के बाद पेश आने वाली समस्याओं से निपटने में अत्यधिक सक्रियता से काम करेगी।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेख पल्ली की पीठ ने दिल्ली सरकार द्वारा दाखिल की गई एक स्थिति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद यह टिप्पणी की।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वह (दिल्ली सरकार) एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर विचार कर रही है, जिसमें कोविड से उबरने के बाद स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को टेलीमेडिसीन सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना शामिल है।

समिति ने यह भी सिफारिश की है कि कोविड-19 से उबरने के बाद मरीजों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों में मध्य अक्टूबर 2020 से ‘फॉलो अप क्लीनिक’ भी संचालित किये जा रहे हैं। इन्हें अन्य कोविड अस्पतालों में भी स्थापित किया जा सकता है।

दिल्ली सरकार के अतिरिक्त वकील सत्यकाम ने पीठ से कहा कि सिफारिशों पर तत्परता से विचार किया जा रहा है और यथाशीघ्र उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा।

स्थिति रिपोर्ट में यह भी कह गया है कि दिल्ली सरकार तत्परता से जांच करने पर ध्यान दे रही है और जांच एवं संक्रमित के संपर्क में आये व्यक्ति का पता लगाने की रणनीति के चलते संक्रमण की दर एक प्रतिशत या इससे कम रख पाने में मदद मिली है।

दिल्ली सरकार ने अदालत से यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जांच और संक्रमित के संपर्क में आये व्यक्ति का पता लगाने की यह गति जारी रखी जाएगी।

अदालत ने स्थिति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा, ‘‘हमें कोई संदेह नहीं है कि लोगों की जान बचाने के दिल्ली सरकार कोविड के कारण पैदा होने वाली स्थिति और कोविड से उबरने के बाद मरीजों को पेश आने वाली समस्याओं से निपटने को सुनश्चित करने के लिए अत्यधिक सक्रियता से काम करेगी।’’

अदालत ने कहा कि कोविड-19 के प्रतिदिन के मामलों की संख्या संक्रमण के चरम के दिनों की तुलना में काफी कम है।

पीठ ने कहा, ‘‘मौजूदा परिस्थितियों के आलोक में, हमारा मानना है कि याचिका ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया है और इसलिए हमें इसे और लंबित रखने की जरूरत नहीं है। ’’

हालांकि, अदालत ने कहा कि यदि भविष्य में कोई मुद्दा उठता है तो पक्षकार एक अर्जी के जरिए उस ओर ध्यान आकृष्ट कर सकते हैं।

इस टिप्पणी के साथ अदालत ने अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा की याचिका का निस्तारण कर दिया, जो महामारी की शुरूआत के समय दायर की गई थी।

मल्होत्रा ने जनहित याचिका के जरिए दिल्ली में कोविड-19 जांच की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतपटना में महिलाएं-लड़कियां सरेआम पीती हैं सिगरेट, पुरुष खड़े होकर मुंह देखते रहते?, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बोले- बिहार में शराबबंदी पूरी तरह फेल

कारोबारमध्य प्रदेश में रेल क्रांति: देश का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क?, विकास की पटरियों पर दौड़ता 'नया एमपी'

क्राइम अलर्टसेक्टर 94 में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से युवक की मौत, 3 को पुलिस ने बचाया, वीडियो

कारोबारसोने की कीमतें 3,007 रुपये बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जानें चांदी हाल

क्राइम अलर्ट7 लाख की सुपारी देकर हत्या, टॉप-10 अपराधियों में शामिल शिव गोप को पटना पुलिस और एसटीएफ ने धर दबोचा, मीठापुर समेत पटना के कई इलाकों में दहशत?

भारत अधिक खबरें

भारतमहाराष्ट्र लोक सेवा आयोग परिणाम: 624 अंक के साथ टॉप, सोलापुर के विजय नागनाथ लामका ने किया कारनामा?, 601 अंक लेकर आरती परमेश्वर जाधव ने महिला वर्ग में मारी बाजी?

भारतममता ने कहा- CRPF की 200 बटालियन आ रही, किचन से समान ले कर मारो?, अभिषेक कह रहे- भाजपा समर्थकों का हाथ-पैर तोड़ो, चुनाव आयोग के पास बीजेपी, वीडियो

भारतखरमास खत्म होने के बाद 15-16 अप्रैल को बिहार में नया मुख्यमंत्री?, सीएम नीतीश कुमार ने की अंतिम बार कैबिनेट की अध्यक्षता!, 10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण?

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग

भारतमप्र राज्यसभा चुनावः मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा में टक्कर?, कांग्रेस में एक अनार-सौ बीमार?, अपनों की रार में भाजपा न मार ले जाए तीसरी सीट!