Odisha Tragedy: 10 जिंदा जले और जिंदगी से जूझ रहे 11, एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 16, 2026 09:05 IST2026-03-16T08:59:25+5:302026-03-16T09:05:09+5:30
Odisha Tragedy: अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तड़के कटक स्थित ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लगने से दस लोगों की मौत हो गई।

Odisha Tragedy
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह जानकारी दी। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तड़के कटक स्थित ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लगने से दस लोगों की मौत हो गई।
Cuttack, Odisha: A fire broke out in the Trauma Care ICU of SCB Medical College at 2:30 AM. Patients were safely shifted, three fire tenders controlled the blaze pic.twitter.com/nOTxS7t4My
— IANS (@ians_india) March 16, 2026
मरीजों को सुरक्षित निकालने के दौरान अस्पताल के लगभग 11 कर्मचारी झुलस गए। एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में आग लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि आग लगभग 2.30 और 3 बजे के बीच लगी। अधिकारी ने बताया कि दमकलकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे और आग बुझाने के लिए अभियान शुरू किया।
दमकल सेवा अधिकारियों, अस्पताल कर्मचारियों और पुलिस के साथ-साथ मरीजों के परिचारकों ने आईसीयू में इलाज करा रहे मरीजों को बचाया और उन्हें ओडिशा के प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र एससीबी अस्पताल के अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया। खबर मिलते ही ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने अस्पताल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों से भी मुलाकात की। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में संदिग्ध शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। उन्होंने कहा कि इससे ट्रॉमा केयर आईसीयू और उससे सटे आईसीयू और वार्ड प्रभावित हुए।
मांझी ने बताया, “कुल 23 मरीजों को अन्य विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया है। अन्य आईसीयू और वार्डों में स्थानांतरित करते समय सात गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की बाद में मौत हो गई।” उन्होंने कहा, “मैंने संबंधित अधिकारियों को घायल मरीजों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं।” मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
माझी ने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया और उनका अस्पताल के एक वार्ड में इलाज हो रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘पदभार ग्रहण करने के बाद मैंने संबंधित विभाग को सभी चिकित्सा संस्थानों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए थे और मैंने उन्हें इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के वार्षिक बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि आगामी वर्ष (2026-27) के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक के कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पटनायक ने आग लगने की घटना में मारे गए 10 मरीजों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उनका एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा करने का कार्यक्रम है।