बीजू पटनायक के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी?, नवीन पटनायक ने कहा- ‘मनोचिकित्सक’ से जांच कराएं सांसद निशिकांत दुबे
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 30, 2026 20:56 IST2026-03-30T20:55:04+5:302026-03-30T20:56:09+5:30
बीजू पटनायक "बिहार के भी गौरव" थे, क्योंकि 1936 से पहले ओडिशा बिहार का हिस्सा था। नायकों को क्षेत्र, जाति और धर्म तक सीमित रखने के विचार की निंदा करता हूं।

file photo
भुवनेश्वर:बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के खिलाफ ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे को ‘मनोचिकित्सक’ के परामर्श की आवश्यकता है। दुबे की टिप्पणी की निंदा करते हुए बीजद प्रमुख ने यहां ओडिशा विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह की अपमानजनक बातें कहने को लेकर भाजपा सांसद को किसी मनोचिकित्सक की सलाह की आवश्यकता है।’’
भाजपा नेता ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच बीजू पटनायक कड़ी थे। जब यह मुद्दा एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया और बीजद सांसदों ने सोमवार को यह आरोप लगाते हुए राज्यसभा से बहिर्गमन किया कि दुबे ने बीजू पटनायक के खिलाफ "अपमानजनक और मानहानिकारक" टिप्पणी की है,
तब भाजपा सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उन्होंने यह बयान "कांग्रेस की गलत हरकतों को उजागर करते हुए दिया था, न कि बीजू पटनायक के विरुद्ध।" और सफाई देते हुए दुबे ने कहा कि बीजू पटनायक एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और भाजपा उनका सम्मान करती है। उन्होंने लिखा, ‘‘जब कांग्रेस ने बीजू बाबू के साथ अन्याय किया, तब जनसंघ और भाजपा ही थी जो उनके साथ खड़ी रहीं।
बताइए, मैंने अपने ट्वीट में बीजू बाबू पर कौन सा आरोप लगाया? अगर मेरे ट्वीट से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं केवल उन्हें समझाने की कोशिश कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि बीजू बाबू आदरणीय हैं और हमेशा रहेंगे। दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,‘‘मुझे किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।’’ बीजू पटनायक "बिहार के भी गौरव" थे, क्योंकि 1936 से पहले ओडिशा बिहार का हिस्सा था।
भाजपा सांसद ने कहा,‘‘मैं राष्ट्र नायकों को क्षेत्र, जाति और धर्म तक सीमित रखने के विचार की निंदा करता हूं।’’ इससे पहले नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा था कहा, ‘‘दुबे ने बीजू बाबू के बारे में जो आपत्तिजनक बातें कही हैं, उन्हें सुनकर मैं हैरान हूं।’’ पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस समय बहुत छोटा था, लगभग 13 साल का।
मुझे याद है कि चीनी हमले को लेकर बीजू बाबू कितने गुस्से में थे और उन्होंने इसे रोकने के लिए कितना कुछ किया था।’’ इस बीच, बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने दुबे की टिप्पणियों पर उनकी अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया। कम से कम चार अन्य सांसदों - मानस मंगराज, सुभाशीष खुंटिया, मुजीबुल्ला खान और निरंजन बिशी ने भाजपा सांसद की आलोचना की।
उन पर ‘‘ओडिशा के गौरव का अपमान’’ करने का आरोप लगाया। बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने दुबे के बयान की कड़ी निंदा की और उनसे एक ‘‘देशभक्त’’ के खिलाफ इस तरह की ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने के लिए माफी की मांग की। ओडिशा से भाजपा सांसद बिभु प्रसाद तराई ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि बीजू पटनायक एक महान व्यक्तित्व थे।
दुबे कुछ पुराने दस्तावेज पेश कर रहे थे। इस मामले में भी इतिहास की समीक्षा होनी चाहिए।" भाजपा नेता और राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य दिलीप राय ने फेसबुक पर लिखा, ‘‘बीजू बाबू का जीवन साहस, त्याग, दूरदर्शिता और अटूट देशभक्ति का जीता-जागता उदाहरण था। वह केवल ओडिशा के एक महान नेता ही नहीं थे, बल्कि उन दुर्लभ राष्ट्र निर्माताओं में से एक थे।
जिनके जीवन और कार्यों ने भारत के राजनीतिक और रणनीतिक इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत और ओडिशा के प्रति उनके असाधारण योगदान को तुच्छ और सनसनीखेज राजनीतिक टिप्पणियों तक सीमित करना अनुचित एवं घोर अपमानजनक है।
इतिहास, सरकारों या जटिल एवं कठिन समय में लिए गए निर्णयों पर बहस की जा सकती है, लेकिन किसी को भी बीजू बाबू की राष्ट्रवादी भावना, उनकी ईमानदारी या भारत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।’’